सुशांत से जुड़े ड्रग्स केस के मुख्य संदिग्ध के खिलाफ लुकआउट नोटिस, NCB को मिले सुराग

एनसीबी ने जारी किया नोटिस. (File Pic)

एनसीबी ने जारी किया नोटिस. (File Pic)

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) पिछले कई महीनों से साहिल फ्लाको की तलाश में जुटी हुई है जिसकी पहचान कुछ दिनों पहले ही एक छापेमारी के दौरान की गई है.

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  • Last Updated: April 18, 2021, 10:09 PM IST
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मुंबई. दिवंगत बॉलीवुड एक्‍टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) से जुड़े ड्रग्स केस में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़ा एक्शन लेते हुए मुख्य संदिग्ध और बड़े ड्रग्स माफिया साहिल शाह और फ्लॉको के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने यह लुक आउट नोटिस साहिल फ्लाको के भारत में होने का सुराग मिलने के बाद जारी किया है.

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो पिछले कई महीनों से साहिल फ्लाको की तलाश में जुटी हुई है जिसकी पहचान कुछ दिनों पहले ही एक छापेमारी के दौरान की गई है. मुम्बई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के ज्वाइंट डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने लुकआउट नोटिस जारी होने की पुष्टि करते हुए बताया कि हम लगातार उसकी तलाश में टूटे हुए हैं. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को साहिल फ्लॉको के भारत में होने के सुराग मिले हैं जिसके बाद यह नोटिस जारी किया गया है.

हालांकि वह भारत में कहां छुपा हुआ है, इसका पता अब तक नहीं चल सका है. दरअसल नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को साहिल फ्लाको का नाम ड्रग पेडलर अब्बास और जैद से पूछताछ में पता चला था. अब्बास और जैन वह ड्रग्स पेडलर हैं जिन्हें सुशांत सिंह राजपूत ड्रग्स केस में एनसीबी गिरफ्तार कर चुकी है, हालांकि इन दोनों ने कभी भी साहिल फ्लाको को नहीं देखा है. साहिल फ्लाको की पहचान पिछले हफ्ते नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने उस वक्त की, जब गणेश शेरे नामक ड्रग्स पेडलर को गिरफ्तार किया गया और उसकी निशानदेही पर मलाड इलाके में उसके फ्लैट पर छापेमारी की गई. इस छापेमारी में पता चला कि सुशांत सिंह राजपूत ट्रक्स केस का मुख्य संदिग्ध कोई और नहीं बल्कि ड्रग्स माफिया साहिल फ्लाको है.

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के आला अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक साहिल फ्लाको की ड्रग तस्करी की मोडेस ऑपरेंडी बेहद ही चौंकाने वाली है. वह अपने दो ड्रग तस्करों गणेश शेरे और मोहम्मद अमीन के जरिए हाई प्रोफाइल लोगों को ड्रग्स की होम डिलीवरी करवाता है. इसके लिए वह अपने खरीददारों की एक लिस्ट तैयार करता है और फिर वह लिस्ट अपने दोनों ड्रग तस्करों को देते हुए उन तक ड्रग्स पहुंचाने का आदेश देता है. उसकी ड्रग तस्करी का मुख्य अड्डा मुंबई का परेल इलाका है, जहां उसके द्वारा दी गई लिस्ट और ड्रग्स के साथ उसके ड्रग्स पेडलर पहुंचते हैं.


इतना ही नहीं वह अपने क्लाइंट्स को ड्रग्स की सप्लाई करने से पहले अपने ड्रग्स पेडलरों को वीडियो कॉल करता है और उसके जरिये वह अपने क्लाइंट के चेहरों को इतनी चालाकी से देखता है कि उसके क्लाइंट्स उसका चेहरा न देख पाए. वह ऐसा इसलिए करता है क्योंकि उसे यह डर रहता है कि कहीं क्लाइंट्स के रूप में नॉरकोटिक्स के अधिकारी तो नही हैं. जब वह स्योर हो जाता था, तभी क्लाइंट्स को ड्रग्स देने के लिए कहता था.
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