भगवान हनुमान के जन्मस्थान को लेकर छिड़ी जंग, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक ने किए अलग-अलग दावे

भगवान हनुमान

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Lord Hanuman Birth Place: रामचंद्रपुर मठ के प्रमुख राघवेश्वर भारती ने अपने दावे में रामायण का जिक्र है. उनके मुताबिक रामायण में भगवान हनुमान ने सीता से कहा था कि उनका जन्म स्थान समुद्र के पार गोकर्ण में है.

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  • Last Updated: April 13, 2021, 12:35 AM IST
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नई दिल्ली. भगवान हनुमान के जन्म स्थान (Lord Hanuman Birth Place) को लेकर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में जंग छिड़ गई है. दोनों राज्य अपने-अपने यहां जन्म स्थान होने के दावे कर रहे हैं. शिवमोगा के एक धार्मिक नेता ने दावा किया है कि भगवान हनुमान का जन्म कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के गोकर्णा में हुआ था. इससे पहले कर्नाटक ने ही दावा किया था कि उनका जन्म कोप्पल ज़िले के किष्किन्धा में अंजनाद्रि पहाड़ी पर हुआ था. जबकि आंध्र प्रदेश का दावा है कि हनुमान की जन्मभूमि तिरुपति की सात पहाड़ियों में से एक अंजनाद्रि पर है.

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक कर्नाटक के शिवमोगा में रामचंद्रपुर मठ के प्रमुख राघवेश्वर भारती ने अपने दावे में रामायण का जिक्र है. उनके मुताबिक रामायण में भगवान हनुमान ने सीता से कहा था कि उनका जन्म स्थान समुद्र के पार गोकर्ण में है. राघवेश्वर भारती ने कहा, 'रामायण में जो प्रमाण मिले हैं उसके मुताबिक हम कह सकते हैं कि गोकर्ण हनुमान की जन्मभूमि है और किष्किंधा में अंजनाद्रि उनकी कर्मभूमि थी.'

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कमेटी देगी रिपोर्ट
इस गुत्थी को सुलझाने के लिए तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने एक्सपर्ट की एक कमेटी बनाई है. ये कमेटी 21 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. इस कमेटी में वैदिक मामलों के जानकार, पुरातत्व विज्ञानी और इसरो के एक वैज्ञानिक हैं. इस बीच TTD मंदिर का प्रशासन 13 अप्रैल यानी तेलुगु नव वर्ष के दिन एक पुस्तिका के रूप में एक दस्तावेज जारी करने के लिए तैयार है, जिससे ये साबित किया जा सके कि तिरुमाला की सात पहाड़ियों में से एक, अंजनाद्री को भगवान हनुमान का जन्मस्थान कहा जाता है.

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तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम का दावा



टीटीडी ट्रस्ट बोर्ड के कार्यकारी अधिकारी के एस जवाहर रेड्डी का कहना है कि उनके पास पौराणिक और पुरातात्विक प्रमाण हैं. इनके आधार पर वो साबित कर सकते हैं कि तिरुपति के अंजनाद्रि पर्वत पर ही हनुमान का जन्म हुआ था.



कर्नाटक में प्रोजेक्ट पर काम शुरू

कर्नाटक ने किष्किंधा के अंजनाद्रि में प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है. इसका मकसद है लोगों को ये बताना कि भगवान राम का जन्म इसी स्थान पर हुआ था. बता दें कि रामायण में हम्पी से लगे किष्किंधा का का ज़िक्र है. रामायण के मुताबिक इसी जगह पर भगवान राम और लक्ष्मण पहली बार हनुमान से मिले थे. कोप्पल जिले से आने वाले मंत्री बीसी पाटिल का कहना है, 'अब हम इस जगह को हनुमान जन्मस्थल के नाम से तीर्थस्थल के तौर विकसित करेंगे.'
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