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Supermountain: धरती पर थे हिमालय से 4 गुना बड़े दो पहाड़, इनके घिसने से ही संभव हो सका जीवन!

Supermountain: धरती पर थे हिमालय से 4 गुना बड़े दो पहाड़, इनके घिसने से ही संभव हो सका जीवन!

धरती की उत्पति के इतिहास में ऐसा दो बार हुआ है जब हिमालय से चार गुना बड़े पहाड़ अस्तित्व में आए हैं.

धरती की उत्पति के इतिहास में ऐसा दो बार हुआ है जब हिमालय से चार गुना बड़े पहाड़ अस्तित्व में आए हैं.

Supermountains Four Times Longer Than Himalayas: धरती की उत्पत्ति रहस्यों से भरी पड़ी है. दुनिया के तमाम वैज्ञानिक इस रहस्य को सुलझाने में लगे हैं. वैज्ञानिक लगातार शोध कर रहे हैं कि इस धरती पर जीवन का विकास कैसे हुआ. हिमालय जैसी पहाड़ियों की उत्पत्ति कैसे हुई. इसी रहस्य को खोजने के क्रम में वैज्ञानिकों को एक ऐसा सबूत हाथ लगा है जिससे पता चलता है कि इस धरती पर करोड़ों साल पहले हिमालय से भी चार गुना बड़े दो पहाड़ हुआ करते थे.

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Super mountains Four Times Longer Than Himalayas: दुनिया में हिमालय सबसे बड़ी पर्वत शृंखला है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि कभी इसी धरती पर हिमालय से करीब चार गुना लंबी एक नहीं बल्कि दो-दो पर्वत शृंखलाएं थीं. दरअसल, वैज्ञानिकों ने दो ‘सुपरमाउंटेन’ के अस्तित्व का पता लगाया है जो हिमालय की लंबाई से करीब चार गुना ज्यादा थे. इन सुपरमाउंटेन की लंबाई करीब 8000 किमी थी. इतना ही नहीं वैज्ञानिकों ने यह भी कहा है कि ये पर्वत शृंखलाएं धरती की उत्पति के इतिहास में दो बार बनी हैं.

हिमालय रेंज में माउंटएवरेस्ट सबसे ऊंची चोटी है. इसकी ऊंचाई 8,848 मीटर है. लेकिन ताजा शोध से पता चला है कि धरती की उत्पति के इतिहास में दो बार ऐसा हुआ जब ऐसी पर्वत शृंखलाएं बनीं जो हिमालय से कई गुना ज्यादा लंबी थीं और वह कई महादेशों में फैली हुई थीं.

इन नए ‘सुपरमाउंटेन’ की लंबाई 8000 किमी से अधिक बताई जा रही है. जबकि हिमालय पर्वत शृंखला की लंबाई करीब 2300 किमी है. रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा सुपरमाउंटेन धरती की उत्पति के बाद से दो बार अस्तित्व में आ चुका है. पहली बार यह 200 से 180 करोड़ साल पहले अस्तित्व में आया था. दूसरी बार यह 65 से 50 करोड़ साल पहले अस्तित्व में आया था. शोधकर्ताओं का मानना है कि इन दोनों सुपरमाउंटेन के बनने के बीच कोई न कोई संबंध रहा होगा. ये दोनों अवधि धरती की उत्पत्ति के इतिहास में काफी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं.

दुर्लभ खनिज और रासायनिक तत्व से पता चला
जर्नल अर्थ एंड प्लानेटरी साइंस लेटर्स (journal Earth and Planetary Science Letters) में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने जिर्कोन (zircon) का पता लगाया. जिर्कोन एक खनिज पदार्थ है. इसके साथ वैज्ञानिकों ने lutetium नामक रासायनिक तत्व का भी पता किया. ये दोनों चीजें बहुत दुर्लभ हैं और ये केवल उच्च पहाड़ियों के तल में पायी जाती हैं.

इस शोध के मुख्य लेखक और Australian National University में पीएचडी के कैंडिडेट जियी झू (Ziyi Zhu) का कहना है कि इन दोनों सुपरमाउंटेन की तरह आज कुछ नहीं है. अगर आप कल्पना करेंगे तो यह पहाड़ हिमालय से तीन से चार गुना ज्यादा बड़े थे.

पहले सुपरमाउंटेन को नूना सुपरमाउंटेन (Nuna Supermountain) नाम दिया गया है. इस सुपरमाउंटेन की मौजूदगी यूकैर्योसाइटों (eukaryotes) के वक्त की बताई जा रही है. यूकैर्योसाइटों के कारण ही धरती पर बाद के दिनों में पेड़-पौधों और जानवरों की उत्पत्ति हुई.

65 करोड़ साल पहले हुई दूसरे सुपर माउंटेन की उत्पत्ति
दूसरे सुपरमाउंटेन की उत्पत्ति 65 से 50 करोड़ साल पहले बताई जा रही है. इसको ट्रांसगोंडवानान सुपरमाउंटेन (Transgondwanan Supermountain) नाम दिया गया है. इसी अवधि में धरती पर पहले सबसे बड़े जानवर की उत्पत्ति हुई थी.

शोधकर्ताओं ने कहा कि इन पहाड़ियों के घिसने के कारण ही समंदर में फॉस्फोरस और आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्व घुल गए. इसमें यह भी कहा गया है कि इन सुपरमाउंटेन की वजह से ही वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ी थी और जीवन का विकास संभव हो सका था.

इस शोध पत्र में कहा गया है कि धरती की उत्पत्ति के शुरुआती दिनों में यहां कोई ऑक्सीजन नहीं थी. वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा कई चरणों में बढ़ी थी. इसमें से दो चरणों का सीधा जुड़ाव इन दोनों सुपरमाउंटेन से है.

इस शोध पत्र के को-ऑथर प्रोफेसर जोकेन ब्रोक्स ने कहा कि पहाड़ की उत्पत्ति का पूरा रिकॉर्ड पूरी तरह से स्पष्ट है. इससे पता चलता है कि इन दोनों चोटियों में एक का संबंध धरती पर जानवरों की उत्पत्ति और दूसरे का जुड़ाव जटिल बड़ी कोशिकाओं से है.

Tags: Earth, Science, Science news

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