Chandra Grahan 2021: दुनिया के कई हिस्सों में दिखा चंद्रग्रहण का खूबसूरत नजारा, देखें PICS और वीडियो

बुधवार को दोपहर 1:53 बजे सुपर मून की स्थिति तैयार होगी.

Chandra Grahan Updates: भारतीय समयानुसार, चंद्र ग्रहण दोपहर 2 बजकर 17 मिनट पर शुरू हुआ और शाम 7 बजकर 19 मिनट पर खत्म हो गया. ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे की रही.

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    नई दिल्ली. 26 मई 2021 यानी आज साल 2021 का पहला चंद्र ग्रहण लगा. आज के चंद्र ग्रहण को सुपरमून और ब्लड मून कहा गया. ये ग्रहण इसलिए और खास हो गया क्योंकि सुपरमून, ब्लड मून और पूर्ण चंद्र ग्रहण की घटनाएं एक साथ घटित हुईं. पिछले छह सालों में सुपरमून और पूर्ण चंद्र ग्रहण एक साथ नहीं हुआ था. यह पूर्ण चंद्र ग्रहण पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत और अमेरिका में नजर आया.

    भारतीय समयानुसार, चंद्र ग्रहण दोपहर 2 बजकर 17 मिनट पर शुरू हुआ और शाम 7 बजकर 19 मिनट पर खत्म हो गया. ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे की रही. हालांकि भारत के कुछ हिस्सों में ही चंद्रग्रहण नजर आया, जिससे अन्य क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मायूसी हुई. देखिए दुनियाभर में चंद्रग्रहण, सुपरमून और ब्लड मून की खास तस्वीरें और वीडियो...

    चंद्रग्रहण के दौरान लाल रंग में बदलता हुआ चंद्रमा



    - अमेरिका के फ्लोरिडा में भी आंशिक रूप से चंद्र ग्रहण दिख रहा है. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स चंद्रग्रहण की खूबसूरत तस्वीरों को शेयर कर रहे हैं.


    ग्रहण के दौरान और ग्रहण के खत्म होने तक भगवान की मूर्ति को नहीं छूना चाहिए. ग्रहण में घर के मंदिरों के कपाट बंद कर देना चाहिए. ताकि भगवान पर ग्रहण का असर ना हो सके. ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान ना तो ग्रहण देखना चाहिए और ना ही घर के बाहर निकलना चाहिए.

    देखिए रेड ब्लड सुपरमून की घटना लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए-

    साल का यह पहला चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 2:17 मिनट पर शुरू होगा और शाम 7:19 बजे तक नजर आएगा. अगर आसमान साफ रहा, तो दुनिया भर के जानकार सारी रात सुपरमून देख सकेंगे. इसे पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत और अमेरिका में देखा जा सकेगा.

    खबर है कि बुधबार को दोपहर 1:53 बजे सुपर मून की स्थिति तैयार होगी. इस दौरान चांद और पृथ्वी के बीच की दूरी केवल 3 लाख 57 हजार 309 किमी होगी. चांद की इस स्थिति को पेरिगी कहा जाता है.


    खास बात है कि बुधवार को उपछाया चंद्र ग्रहण होने के कारण इस दौरान सूतक काल मान्य नहीं होगा. जानकारों के मुताबिक, सूतक के दौरान कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं.

    इस चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना को ब्लड मून भी कहा जा रहा है. इस दौरान चांद का रंग लाल और नारंगी की तरह नजर आएगा. साथ ही इस दौरान चांद के आकार में भी इजाफा होगा. पूर्ण चंद्र ग्रहण का यह मौका दो साल बाद आया है. इससे पहले पूर्ण चंद्र ग्रहण 21 जनवरी 2019 को लगा था.