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370 पर पीएम मोदी की तारीफ से लेकर इमरान खान को नसीहत तक- RSS चीफ मोहन भागवत के भाषण की 10 खास बातें

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Updated: October 8, 2019, 1:49 PM IST

भीड़ हत्या का जिक्र करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा, 'मॉब लिंचिंग पश्चिमी तरीका है. इसे एक साजिश के तहत भारत के संदर्भ में पेश किया जा रहा है. लिंचिंग जैसी घटनाओं से आरएसएस का कोई लेना-देना नहीं है. संघ हमेशा ऐसी घटनाओं के खिलाफ रहा है. कितना भी मतभेद हो, कानून और संविधान की मर्यादा में रहें. न्याय व्यवस्था में चलना पड़ेगा.'

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  • Last Updated: October 8, 2019, 1:49 PM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने विजयादशमी के मौके पर मंगलवार को अपना स्थापना दिवस मनाया. इस मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने नागरपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया. आरएसएस प्रमुख ने इस दौरान देश की सुरक्षा व्यवस्था, भारतीय सेना की तैयारी और सुरक्षा नीति के मोर्चे पर भी मोदी सरकार (Modi Government) की तारीफ की. भागवत ने उन पर भी निशाना साधा जो देश के विकास में बाधा बने हुए हैं. वहीं, पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को भी नसीहत दी.

पढ़ें, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के भाषण की 10 खास बातें:-

1. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के लिए मोदी सरकार को एक साहसी फैसला लेने वाली सरकार बताया. उन्होंने कहा, 'कश्मीर में पीएम मोदी और उनकी सरकार ने जो कर दिखाया, उसके लिए वो बधाई के पात्र हैं.'

2. भीड़ हत्या का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा, 'मॉब लिंचिंग पश्चिमी तरीका है. इसे एक साजिश के तहत भारत के संदर्भ में पेश किया जा रहा है. लिंचिंग जैसी घटनाओं से आरएसएस का कोई लेना-देना नहीं है. संघ हमेशा ऐसी घटनाओं के खिलाफ रहा है. कितना भी मतभेद हो, कानून और संविधान की मर्यादा में रहें. न्याय व्यवस्था में चलना पड़ेगा.'

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आरएसएस प्रमुख ने विजया दशमी पर शस्त्र पूजा की.


3. उन्होंने कहा, 'भारतीय कारोबारियों को ये समझना चाहिए कि चीन से संचालित होने वाली मल्टी नेशनल कंपनियां प्रॉक्सी इकोनॉमी को बढ़ावा दे रही हैं. भारतीय कारोबारियों को इसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए.'

4. पाकिस्तानी पीएम इमरान खान पर निशाना साधते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- 'कुछ लोग संघ के बारे में बिना जानकारी के कुप्रचार करते हैं. इमरान खान भी यह बात सीख गए हैं.'
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5. भागवत ने कहा, 'कुछ बातों का निर्णय न्यायालय से ही होना पड़ता है. निर्णय कुछ भी हो आपस के सद्भाव को किसी भी बात से ठेस ना पहुंचे ऐसी वाणी और कृति सभी जिम्मेदार नागरिकों की होनी चाहिए. यह जिम्मेदारी सबकी है.'

6. संघ प्रमुख ने कहा, 'मेरे एक मित्र अर्थशास्त्र के जानकार हैं. उन्होंने कहा कि मंदी का दौर उसे कहते हैं, जब आपकी विकास दर जीरो हो जाए. लेकिन, हमारी जीडीपी दर तो 5 फीसदी है. हमें अभी क्या फिक्र है. हमें जीडीपी पर चर्चा तो करनी चाहिए, मगर चिंता नहीं. सरकार इस दौर से उबरने के लिए कई कोशिशें कर रही हैं.'

7.उन्होंने कहा, 'मौजूदा सरकार अच्छा काम कर रही है. देश में काफी वक्त बाद कुछ अच्छा हो रहा है. हम एफडीआई और निजीकरण की तरफ बढ़ रहे हैं. जन अपेक्षाओं को प्रत्यक्ष में साकार कर, जनभावनाओं का सम्मान करते हुए, देशहित में उनकी इच्छाएं पूर्ण करने का साहस दोबारा चुने हुए शासन में है. धारा 370 को अप्रभावी बनाने के सरकार के काम से यह बात सिद्ध हुई है.'

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विजया दशमी पर स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया.


8. मोहन भागवत ने कहा, 'बीते कुछ वर्षों में एक परिवर्तन भारत की सोच की दिशा में आया है. उसको न चाहने वाले व्यक्ति दुनिया में भी है और भारत में भी. भारत को बढ़ता हुआ देखना जिनके स्वार्थों के लिए भय पैदा करता है, ऐसी शक्तियां भी भारत को दृढ़ता व शक्ति से संपन्न होने नहीं देना चाहती.'

9. संघ प्रमुख ने कहा, 'सौभाग्य से हमारे देश के सुरक्षा सामर्थ्य की स्थिति, हमारे सेना की तैयारी, हमारे शासन की सुरक्षा नीति तथा हमारे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कुशलता की स्थिति इस प्रकार की बनी है कि इस मामले में हम लोग सजग और आश्वस्त हैं.'

10. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, 'स्वदेशी एक ऐसी चीज है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था में मौजूद है. लेकिन एक शर्त पर कि ये भारत के पक्ष में हो. जो चीज हमारे देश में उत्पादित होती है, उसे भला हम किसी दूसरे देश से क्यों खरीदें. ये चीज हमारे देश के घरेलू व्यापार को खत्म कर रही है.

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First published: October 8, 2019, 1:26 PM IST
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