सदन में टहल रहे थे मंत्री-सांसद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने लगाई फटकार

सभापति नायडू ने उच्च सदन में गुरूवार को सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक को प्रवर समिति में भेजने के प्रस्ताव पर मतदान के दौरान हुए घटनाक्रम का संदर्भ देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसा नहीं होना चाहिए.

News18Hindi
Updated: July 27, 2019, 1:07 PM IST
सदन में टहल रहे थे मंत्री-सांसद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने लगाई फटकार
सदन में टहल रहे सांसदों और मंत्रियों को एम वैंकेया नायडू ने लगाई फटकार.
News18Hindi
Updated: July 27, 2019, 1:07 PM IST
राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को सदस्यों को नसीहत दी कि सदन में कामकाज के दौरान वे अपने स्थानों पर ही रहने का प्रयास करें क्योंकि काम के दौरान एक दूसरे से बात करने या किसी के पास जाने से कार्य में व्यवधान होता है.

सभापति नायडू ने उच्च सदन में गुरूवार को सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक को प्रवर समिति में भेजने के प्रस्ताव पर मतदान के दौरान हुए घटनाक्रम का संदर्भ देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसा नहीं होना चाहिए.

उन्होंने कहा, "कल जो कुछ सदन में हुआ, वह दुखदायी है ओर नहीं होना चाहिए था. यह परंपरा रही है कि किसी विधेयक पर अगर कोई संशोधन लाया जाता है तो उस संशोधन तथा विधेयक पर चर्चा साथ साथ होती है. चर्चा के बाद आवश्यकता के अनुसार मतदान होता है. मतदान के दौरान किसी तरह की कोई आवाजाही नहीं होनी चाहिए, न ही कोई बातचीत होनी चाहिए."

इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेज थपथपा कर उनकी व्यवस्था की सराहना की. सभापति ने कहा, "सामान्य स्थिति में भी काम के दौरान सदस्यों का अपनी सीट से उठ कर दूसरे के पास जाना या बात करना अगर जारी रहे तो इससे व्यवधान होता है."

उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाता है. सदस्यों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए.



RTI (संशोधन) विधेयक पर मतदान
Loading...

गौरतलब है कि गुरुवार को सदन में जब आरटीआई (संशोधन) विधेयक को प्रवर समिति में भेजने के विपक्ष के कुछ सदस्यों के प्रस्ताव पर मतदान हो रहा था, तभी बीजेपी के सीएम रमेश को कुछ सदस्यों को मतदान पर्ची लेते-देते देखा गया. उनके हाथ में कुछ पर्चियां भी देखी गईं. कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी सदस्यों ने इसका कड़ा विरोध किया. कांग्रेस की विप्लव ठाकुर और रिपुन बोरा, रमेश के पास गये और उनसे मतदान की पर्चियां छीनने का प्रयास किया. अन्य विपक्षी सदस्यों को भी इस बात पर आपत्ति जताते हुए देखा गया.

कांग्रेस ने लगाया आरोप

मतदान प्रक्रिया जारी रहने के दौरान ही कांग्रेस एवं कई अन्य विपक्षी दल के सदस्य आसन के समक्ष आकर इस घटना का विरोध और नारेबाजी करने लगे. बाद में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने सरकार पर संसद को 'सरकार के किसी विभाग' की तरह चलाने का आरोप लगाया. मतदान का नतीजा घोषित किए जाने से पहले ही कांग्रेस के नेतृत्व में अधिकतर विपक्षी सदस्य सदन से वॉक आउट कर गए.

इसके बाद उप-सभापति हरिवंश ने मतदान का नतीजा घोषित किया जिसमें विपक्ष का प्रस्ताव 75 के मुकाबले 117 मतों से खारिज कर दिया गया. इसके बाद सदन ने आरटीआई संशोधन विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया.

ये भी पढ़ें: राज्यसभा में बोले आप नेता संजय सिंह- भले हम हार जाएं पर तीन तलाक बिल का होगा विरोध

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 27, 2019, 1:05 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...