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कनाडा से वापस लाई गई मां अन्‍नपूर्णा की दुर्लभ प्रतिमा काशी में होगी स्‍थापित, कल यूपी सरकार को सौंपी जाएगी

कनाडा से वापस लाई गई मां अन्‍नपूर्णा की दुर्लभ प्रतिमा काशी में होगी स्‍थापित, कल यूपी सरकार को सौंपी जाएगी

कनाडा से 108 साल बाद वापस  लाई गई है मां अन्‍नपूर्णा देवी की दुर्लभ प्रतिमा.

कनाडा से 108 साल बाद वापस लाई गई है मां अन्‍नपूर्णा देवी की दुर्लभ प्रतिमा.

Statue of maa Annapurna Devi: Ministry of Culture के अनुसार 18वीं सदी की maa Annapurna की दुर्लभ Statue काशी से करीब 108 साल पहले चोरी हुई थी. इसके बाद इसे कनाडा ले जाया गया था. केन्‍द्र सरकार इस मूर्ति को वापस लाई है. दिल्‍ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इस मूर्ति को गोपाष्‍टमी यानी गुरुवार को उत्‍तर प्रदेश सरकार को सौंपा जाएगा. इसके बाद प्रतिमा की उत्‍तर प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में चार दिनों तक भव्‍य शोभायात्रा निकाली जाएगी.  

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    नई दिल्‍ली. कनाडा से करीब 108 साल बाद भारत लाई गई मां अन्नपूर्णा देवी की दुर्लभ प्रतिमा फिर से वाराणसी में प्रतिष्ठापित होगी.  गुरुवार को दिल्‍ली में आयोजित एक समारोह में केन्‍द्रीय संस्‍कृति मंत्री (Union Culture Minister) यह प्रतिमा उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों को सौंपेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 15 नवंबर को काशी विश्वनाथ धाम में इस प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे.

    संस्‍कृति मंत्रालय के अनुसार 18वीं सदी की यह प्रतिमा वाराणसी से करीब 108 साल पहले चोरी हुई थी. इसके बाद इसे कनाडा ले जाया गया था. केन्‍द्र सरकार ऐसी दुर्लभ धरोहरों को लगातार वापस ला रही है. इस प्रतिमा को गुरुवार को गोपाष्‍टमी के दिन सौंपा जाएगा. इसके बाद प्रतिमा की उत्‍तर प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में चार दिनों तक भव्‍य शोभायात्रा निकाली जाएगी.  प्रत्येक जिले में शोभायात्रा का स्वागत स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रभारी मंत्री करेंगे. वहीं आम जनता मां अन्नपूर्णा की पूजा कर सकेगी.

    इन इलाकों से निकलेगी शोभायात्रा

    शोभा यात्रा गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलन्दशहर, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा, मैनपुरी, कन्नौज, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, सुल्‍तानपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर होते हुए 14 नवंबर को वाराणसी में काशी विश्वनाथ मन्दिर में पहुंचेगी.

    पीएम मोदी के कार्यकाल में वापस मिलीं 42 दुर्लभ धरोहर

    केंद्रीय पर्यटन और सांस्‍कृति मंत्री जी किशन रेड्डी के अनुसार वर्ष 2014 के बाद से अब तक पीएम मोदी के कार्यकाल में 42 दुर्लभ धरोहरों की देश वापसी हो चुकी है, जबकि वर्ष 1976 से 2013 तक महज 13 दुर्लभ प्रतिमाएं और पेंटिंग ही भारत लाई जा सकी थीं. उन्होंने बताया कि अभी विदेशों में 157 मूर्तियों व पेटिंग्स को चिह्नित किया गया है, जिन्हें भारत लाया जाना है. संबंधित देशों से बातचीत चल रही है. सिंगापुर, आस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड व बेल्जियम से मूर्तियों को लाने का प्रयास हो रहा है. अमेरिका से भी लगभग 100 मूर्तियों को लाने की कोशिश की जा रही है.

    Tags: Indian Government, Kashi Vishwanath Temple, UP Government

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