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जब सुषमा स्वराज को पति ने कहा था- थैंक यू मैडम, अब आप चुनाव नहीं लड़ेंगी...

News18Hindi
Updated: May 31, 2019, 1:48 PM IST

मैडम, आपने ये जो अब कभी चुनाव न लड़ने का फैसला किया है, उसके लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया. मैं अब 19 साल का जवान नहीं हूं. प्लीज, मेरा भी दम फूल रहा है. थैंक यू.” ये वाक्य सुषमा स्वराज के पति और मिजोरम के पूर्व गवर्नर स्वराज कौशल ने कहे हैं. 

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मोदी सरकार में विदेश मंत्री रह चुकीं सुषमा स्वराज को मोदी कैबिनेट 2.0 में भी जगह मिलना तय माना जा रहा था. लेकिन शपथ ग्रहण समारोह से कुछ समय पहले खबर आने लगी कि वो मंत्री नहीं बन रही हैं.  सुषमा स्वराज का मंत्रिमंडल में शामिल न होना भी बड़ी खबर है. इससे पहले वह स्वास्थ्य कारणों से चुनाव न लड़ने का फैसला कर चुकी थीं. सुषमा स्वराज 6 बार सांसद, 3 बार विधायक और 2009-2014 तक राज्यसभा में नेता विपक्ष रह चुकी हैं. वह केंद्रीय मंत्री और दिल्ली की मुख्‍यमंत्री भी रह चुकी हैं. उन्होंने आपातकाल के विरोध में ‍सक्रिय प्रचार किया था. जुलाई 1977 में उन्हें चौधरी देवीलाल की हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था.

पति ने कहा था- शुक्र है अब आप चुनाव नहीं लड़ेंगी
सुषमा स्वराज के पति और मिजोरम के पूर्व गवर्नर स्वराज कौशल ट्विटर पर काफी एक्टिव हैं और कई बार खुलकर अपनी राय रखते रहे हैं. उनके चुनाव न लड़ने के फैसले पर स्वराज ने कहा था- “मैडम, आपने ये जो अब कभी चुनाव न लड़ने का फैसला किया है, उसके लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया. मुझे याद है कि एक ऐसा भी वक्त आया था, जब खुद मिल्खा सिंह ने दौड़ना छोड़ दिया. यह मैराथन आप 1977 से दौड़ रही हैं. मतलब पिछले 41 सालों से. आपने 11 चुनाव लड़े हैं. बल्कि 1977 से अब तक जितने भी चुनाव हुए हैं, सब लड़े हैं आपने. सिवाय दो के. 1991 और 2004 में, जब पार्टी ने आपको चुनाव नहीं लड़ने दिया था. मैं भी पिछले 47 सालों से आपके पीछे दौड़ रहा हूं. मैं अब 19 साल का जवान नहीं हूं. प्लीज, मेरा भी दम फूल रहा है. थैंक यू.” बता दें कि स्वराज सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकील हैं.

ऐसे आईं राजनीति में

सुषमा स्वराज ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से की थी. वह छात्र जीवन से ही प्रखर वक्ता हैं. 1977 में उन्हें 25 वर्ष की उम्र में राज्य का कैबिनेट मंत्री बनाया गया और 27 वर्ष की उम्र में वह हरियाणा भाजपा की प्रमुख बना दी गईं थीं.

सुषमा स्‍वराज भाजपा की एकमात्र नेता हैं, जिन्होंने उत्तर और दक्षिण भारत, दोनों क्षेत्र से चुनाव लड़ा है. वह भारतीय संसद में अकेली महिला सांसद हैं, जिन्हें असाधारण सांसद का पुरस्कार मिला है.

सुषमा स्‍वराज का जन्म हरियाणा के अम्बाला कैंट में 14 फरवरी, 1953 को हुआ. उनके पिता आरएसएस के प्रमुख सदस्य थे. अम्बाला कैंट के एसएसडी कॉलेज से बीए करने के बाद उन्होंने चंडीगढ़ से कानून की डिग्री ली. 1973 से उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपनी प्रैक्टिस शुरू कर दी.1990 में बनी थीं पहली बार सांसद
सुषमा स्वराज 1990 में सांसद बनीं और 1990-96 के दौरान राज्यसभा की सदस्य रहीं. 1996 में वह 11वीं लोकसभा के लिए चुनी गई और अटल बिहारी वाजपेयी की तेरह दिनी सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री रहीं. 12वीं लोकसभा के लिए वह दक्षिण दिल्ली से चुनी गईं और पुन: उन्हें सूचना प्रसारण मंत्रालय के अलावा दूरसंचार मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया. अक्टूबर 1998 में उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. 1999 में उन्होंने आम चुनावों में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ बेल्लारी संसदीय क्षेत्र (कर्नाटक) से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं. 2000 में वह फिर से राज्यसभा पहुंचीं और उन्हें पुन: सूचना प्रसारण मंत्री बना दिया गया. वह मई 2004 तक केंद्र सरकार में मंत्री रहीं.

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First published: May 30, 2019, 1:37 PM IST
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