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सिंधिया के लिए कांग्रेस ने फिर खोले द्वार! ट्वीट किया- घर छोड़कर मत जाओ, कहीं घर न मिलेगा

  (File Photo)
(File Photo)

ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के कांग्रेस से मोहभंग के बाद एमपी कांग्रेस की तरफ से बुधवार को किए गए ट्वीट में सिंधिया का नाम तो नहीं लिया गया, लेकिन इसकी पंक्तियों से साफ इशारा मिल रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 11, 2020, 2:48 PM IST
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नई दिल्ली/भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में राजनीतिक संकट के बीच प्रदेश कांग्रेस के एक ट्वीट ने नई हलचल मचा दी है. ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के कांग्रेस से मोहभंग के बाद अब एमपी कांग्रेस की तरफ से बुधवार को किए गए ट्वीट में सिंधिया का नाम तो नहीं लिया, लेकिन इसकी पंक्तियों से साफ इशारा मिल रहा है. बता दें सिंधिया ने मंगलवार को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट किया-  'सम्मान-सौहार्द का, ये मंज़र न मिलेगा, घर छोड़ कर मत जाओ, कहीं घर न मिलेगा. याद बहुत आयेंगे, रिश्तों के ये लम्बे बरस, साया जब वहाँ कोई, सर पर न मिलेगा. नफ़रत के झुंड में, आग तो मिलेगी बहुत, पर यहाँ जैसा कहीं, प्यार का दर न मिलेगा. घर छोड़कर मत जाओ, कहीं घर न मिलेगा.'


कांग्रेस छोड़ने वाले 49 वर्षीय सिंधिया केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं . उनकी दादी दिवंगत विजय राजे सिंधिया इसी पार्टी में थीं. ऐसी अटकले हैं कि सिंधिया को राज्यसभा का टिकट दिया जा सकता है और उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया जा सकता है.



कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधि के कारण पार्टी के महासचिव एवं पूर्ववर्ती ग्वालियर राजघराने के वंशज ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी से निष्कासित कर दिया . मंगलवार सुबह जब पूरा देश होली का जश्न मना रहा था, तभी सिंधिया ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर मुलाकात की.

 'देश के लोगों की सेवा करने में अक्षम हैं'
बैठक में क्या बातचीत हुई, इस बारे में आधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा गया है. हालांकि, भाजपा सूत्रों ने कहा कि सिंधिया से लंबी बातचीत करने का  पार्टी के दोनों शीर्ष नेताओं का फैसला इस बात को दर्शाता है कि वे उन्हें (सिंधिया को) कितना महत्व देते हैं जिन्हें राहुल गांधी का बेहद करीबी माना जाता है.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को नौ मार्च को लिखे इस्तीफा पत्र में सिंधिया ने कहा कि उनके लिये आगे बढ़ने का समय आ गया है क्योंकि इस पार्टी में रहते हुए अब वह देश के लोगों की सेवा करने में अक्षम हैं.

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