MP: कोरोना काल में वर्क फ्रॉम होम के नाम ठगी, फर्जी कंपनी बना बेरोजगारों से वसूले ₹27 लाख

MP: कोरोना काल में वर्क फ्रॉम होम के नाम ठगी, फर्जी कंपनी बना बेरोजगारों से वसूले ₹27 लाख
मध्य प्रदेश में बेरोजगारों के साथ ठगी की गई है. सांकेतिक फोटो.

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना (Corona) काल में वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) के नाम पर बेरोजगारों से ठगी (Fraud) की गई है. कंपनी ने 600 बेरोजगारों का डाटा इकट्ठा कर रखा था.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना (Corona) काल में वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) के नाम पर बेरोजगारों से ठगी (Fraud) करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. स्टेट साइबर सेल ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है. गिरोह के निशाने पर प्रदेश के बेरोजगार थे. स्टेट साइबर सेल के एसपी गुरु करण सिंह ने बताया कि वर्क फ्रॉम होम के नाम पर ठगी करने की कई शिकायतें साइबर सेल को मिली थी. इस शिकायत पर कार्रवाई की गई. जब जांच की गई तो पता चला कि मास इन्फो मीडिया और बिजनेस इन्फोटेक के नाम से फर्जी कंपनियां बनाई गई थीं.

एसपी गुरु करण सिंह ने बताया कि इन फर्जी कंपनियों के मालिकों ने वर्क फ्रॉम होम के नाम पर बेरोजगारों को कई तरीके के असाइनमेंट जारी किए थे. इन असाइनमेंट के बदले मोटी तनख्वाह देने का वादा किया गया था. असाइनमेंट के बदले जो रजिस्ट्रेशन बेरोजगारों का फर्जी कंपनी के द्वारा किया गया था, उसके बदले रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर लाखों रुपए की वसूली की गई. जब आरोपियों ने कोई भी असाइनमेंट बेरोजगारों को नहीं दिया. तब जाकर कई युवाओं को फर्जीवाड़े की आशंका हुई और उन्होंने साइबर सेल में शिकायत की. साइबर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फर्जी कंपनी के संचालकों को गिरफ्तार कर लिया है.

600 बेरोजगारों का डाटा मिला
फर्जी कंपनियों के डायरेक्टर अनिरुद्ध चौकसे और गौरव जोशी से पूछताछ की गई है. पूछताछ में अभी तक उनके पास से 600 बेरोजगारों का डाटा मिला है. इन सभी बेरोजगारों के साथ असाइनमेंट की के रजिस्ट्रेशन फीस वसूलने के नाम पर 27 लाख से ज्यादा की ठगी की गई है. साइबर सेल ने तकनीकी साक्षी और तमाम सबूतों और बयानों के आधार पर फर्जी कंपनियों के डायरेक्टर अनिरुद्ध चौकसे और गौरव जोशी को गिरफ्तार कर लिया है. ठगी के शिकार युवाओं का आंकड़ा पूछताछ के दौरान बढ़ता जा रहा है.
ऐसे करते थे ठगी


आरोपियों ने मास इन्फो मीडिया और बिजनेस इन्फोटेक के नाम से फर्जी कंपनी बनाई थी. इस कंपनी की वेबसाइट बनाकर सोशल मीडिया पर लुभावने ऑफर दिए जा रहे थे. जालसाज झांसे में लेने के बाद बेरोजगारों से असाइनमेंट के रजिस्ट्रेशन के नाम पर 4500 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराते थे. युवाओं को झांसा दिया जाता था कि एक पेज टाइप करके लाने पर 12 रुपए मिलेंगे और एक व्यक्ति 4000 पेज आसानी से टाइप कर सकता है. यानी इस हिसाब से एक व्यक्ति को हर महीने 48 हजार रुपए मिल सकते हैं.
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