मोदी-जिनपिंग के स्वागत में 60 किमी तक लगाए जाएंगे बैनर, हाईकोर्ट ने दिया ग्रीन सिग्नल

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्विपक्षीय वार्ता के लिए 11 और 12 अक्टूबर को चेन्नई में होंगे.

पीएम मोदी (PM Modi) और शी जिनपिंग (Xi Jinping) के बीच मल्लापुरम में द्विपक्षीय वार्ता होगी. इस मामले में सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने बैनर और होर्डिंंग लगाने की अनुमति दे दी.

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    चेन्नई: पिछले सप्ताह चेन्नई (Chennai) में जब एक सॉफ्ट वेयर इंजीनियर की होर्डिंग की चपेट में आने से मौत हुई, उसके बाद दक्षिण भारत के इस राज्य में होर्डिंग और बैनर कल्चर (flex boards) के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा. सभी दलों ने इसका बहिष्कार करने की मांग की. खासकर डीएमके (DMK) ने इसके खिलाफ झंडा बुलंद कर दिया. लेकिन अब फिर से चेन्नई में बैनर और होर्डिंग लगाने की इजाजत मिल गई है. दरअसल चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) द्विपक्षीय वार्ता के लिए 11 और 12 अक्टूबर को चेन्नई में होंगे. ऐसे में उनके स्वागत के लिए लगाए जाने वाले बैनर और होर्डिंग के लिए मद्रास हाईकोर्ट ने अपनी ओर से अनुमति दे दी है.

    चेन्नई एयरपोर्ट से मल्लापुरम तक 60 किमी के क्षेत्र में बैनर और होर्डिंग लगाने के लिए मद्रास हाईकोर्ट ने हरी झंडी दिखा दी है. मोदी (PM Modi) और शी जिनपिंग (Xi Jinping) के बीच मल्लापुरम में द्वपक्षीय वार्ता होगी. इस मामले में सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) के एम सत्यनारायणन और जस्टिस एन सेशासायी की बैंच ने कहा, ऐसे मामले में अनुमति की आवाश्यकता ही नहीं थी. क्योंकि कोर्ट ने इससे पहले राजनीतिक पार्टियों को होर्डिंग बैनर लगाने से मना किया था सरकार को नहीं.

    DMK ने किया याचिका का विरोध
    इस मामले में सरकार की याचिका का डीएमके ने विरोध किया. डीएमके ने कहा, ये सरकार का एजेंडा हो सकता है. यहां पर एआईएडीएमके ही सभी बैनर लगाएगी. सरकार की ओर से म्यूनिसिपल कमिश्नर ने याचिका लगाई थी. दरअसल जब 23 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत एक होर्डिंग गिरने के कारण हुई थी, उसके बाद कोर्ट ने होर्डिंग कल्चर पर सख्त टिप्पणी करते हुए इस पर रोक लगाने को कहा था.

    मेहमान के स्वागत में लगाए जाएंगे बैनर 
    चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दौरे की पुष्टि के बाद कोर्ट से याचिका में इस बारे में आदेश देने के लिए कहा गया था. इसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ये जिम्मेदारी है कि वह मेहमान के स्वागत के लिए इस तरह के बैनर लगाए.

    मद्रास हाईकोर्ट ने लगाई थी रोक
    इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने अपने ऑर्डर में सड़क के किनारे लगाए जाने वाले होर्डिंग और बैनर पर रोक लगाई थी. और सरकार द्वारा इस दिशा में उचित कदम नहीं उठाए जाने को लेकर उसे फटकार भी लगाई थी.



    बता दें कि 23 वर्षीय महिला इंजीनियर अपनी स्कूटी पर जा रही थी जब एक होर्डिंग उस पर गिरा था. इसके बाद वह फिसलकर सड़क पर गिरी और उसे एक टैंकर ने कुचल दिया. इसके बाद पूरे चेन्नई में बैनर संस्कृति के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा था. डीएमके प्रमुख एम के स्टालिन ने अपने समर्थकों से होर्डिंग न लगाने के लिए कह दिया था.

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