इस्लाम कबूल करना चाहती थी लड़की, पुलिस ने किया नजरबंद, HC ने दिया ये आदेश

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने गुरुवार को 27 वर्षीय एक डेंटिस्ट को रिहा करने का आदेश दिया है.  (सांकेतिक तस्वीर)
मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने गुरुवार को 27 वर्षीय एक डेंटिस्ट को रिहा करने का आदेश दिया है. (सांकेतिक तस्वीर)

जस्टिस एम सत्यनारायणन और जस्टिस बी पुगलेंधी की खंडपीठ ने कहा कि महिला बालिग है और धर्म चुनना उसका मौलिक अधिकार है.

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  • Last Updated: August 23, 2019, 4:24 PM IST
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मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) की मदुरै (Madurai) बेंच ने गुरुवार को 27 वर्षीय एक डेंटिस्ट को रिहा करने का आदेश दिया है. डेंटिस्ट हिन्दू धर्म (Hindu Religion) छोड़कर इस्लाम (Islam) कबूल करना चाहती है, लेकिन आरोप है उसके माता-पिता के दबाव में पुलिस ने उसे नजरबंद करके रखा है.

कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि यह लड़की की मर्जी है कि वह कौन सा धर्म अपनाना चाहती है. जस्टिस एम सत्यनारायणन और जस्टिस बी पुगलेंधी की खंडपीठ ने कहा कि महिला बालिग है और धर्म चुनना उसका मौलिक अधिकार (Fundamental Right) है.

अधिवक्ता टी तमिल मलार ने कोर्ट में याचिका दायार कर कहा था कि 27 वर्षीय डेंटिस्ट ने धर्म परिवर्तन की मांग करते हुए तमिलनाडु तौहीद जमात से संपर्क किया था. लेकिन जब उसके माता-पिता को इस बारे में पता चला तो उन्होंने उसे घर में कैद कर लिया.



घर से भागी लड़की
अधिवक्ता ने कहा कि लड़की किसी तरह माता-पिता की हिरासत से भाग निकली और जमालियाथुल अहिल कुरान कुरानवी हदीस सोसायटी से संपर्क किया. उसने यहां शिकायत करते हुए कहा कि उसके इस्लाम कबूल करने के फैसले से माता-पिता नाराज हैं और उसकी जान को खतरा है.

पुलिस ने जबरन माता-पिता को सौंपा
अधिवक्ता ने बताया कि 19 अगस्त को लड़की ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने उसे घर भेज दिया. 21 अगस्त को जब वह कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए अपनी सहयोगी के साथ लड़की के घर गए तो पुलिस अधिकारी ने लड़की से मिलने देने की अनुमति देने से इनकार कर दिया.

सांप्रदायिक तत्वों से प्रभावित थी पुलिस
अधिवक्ता ने कहा कि पुलिस सांप्रदायिक तत्वों से प्रभावित थी, इसलिए लड़की को अवैध हिरासत में रखा गया. जब पुलिस ने उन्हें लड़की से नहीं मिलने दिया तो उन्होंने उसकी रिहाई के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की.

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