चेक बाउंस मामले में हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता की सजा को रखा बरकरार

कोर्ट ने उनकी इस दलील को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने एक फाइनेंसर द्वारा कर्ज के तौर पर उन्हें दिये गए धन के स्रोत पर सवाल उठाया था.

भाषा
Updated: July 25, 2019, 4:55 PM IST
चेक बाउंस मामले में हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता की सजा को रखा बरकरार
चेक बाउंस मामले में हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता की सजा को रखा बरकरार (प्रतीकात्मक तस्वीर)
भाषा
Updated: July 25, 2019, 4:55 PM IST
मद्रास हाईकोर्ट ने कांग्रेस के एक पूर्व सांसद की चेक बाउंस मामले में जेल की सज़ा को बरकरार रखते कहा कि ‘एक चोर-डकैत को लूटने का हकदार नहीं है.’ कोर्ट ने उनकी इस दलील को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने एक फाइनेंसर द्वारा कर्ज के तौर पर उन्हें दिये गए धन के स्रोत पर सवाल उठाया था.

न्यायमूर्ति पी एन प्रकाश ने कहा कि ‘देह व्यापार करने वाली कोई महिला अगर कर्ज देती है’ तो क्या उसे इस आधार पर कर्ज वापस करने से इनकार किया जा सकता है कि उसने पैसा अनैतिक और अवैध तरीके से कमाया है.

निचली अदालत के फैसले को रखा बरकरार
न्यायमूर्ति प्रकाश ने कहा, ‘ इस सवाल का जवाब है ‘नहीं’. कोई चोर किसी डकैत को वैध रूप से लूटने का हकदार नहीं है.’ कोर्ट ने पूर्व सांसद और ‘राजीव गांधी मेमोरियल एजुकेशनल ट्रस्ट’ के एक संस्थापक न्यासी अंबारसु को सजा देने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखने का आदेश दिया है.

35 लाख रुपये का लिया था कर्ज
फाइनेंसर (कर्जदाता) मुकुंदचंद बोथरा ने चेक बाउंस की अपनी शिकायत में कहा था कि अंबारसु ने 2006 में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 35 लाख रुपये का कर्ज लिया था. उन्होंने इस राशि का चेक उन्हें दिया था लेकिन यह चेक खाते में पर्याप्त रकम नहीं होने की वजह से बैंक से वापस आ गया. निचली अदालत ने अंबारसु और न्यास के प्रबंध न्यासी पी मणि को इस बाबत दो साल की सजा सुनाई थी.

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First published: July 25, 2019, 4:55 PM IST
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