लाइव टीवी

मद्रास हाईकोर्ट ने मुस्लिम संगठनों को विधानसभा का घेराव करने से रोका

News18Hindi
Updated: February 18, 2020, 9:44 PM IST
मद्रास हाईकोर्ट ने मुस्लिम संगठनों को विधानसभा का घेराव करने से रोका
CAA, NRC और NPR को लेकर पिछले काफी लंबे समय से तमिलनाडु में प्रदर्शन हो रहे हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

प्रदर्शन के लिए अनुमति प्रदान करने से पुलिस को रोकने की मांग के संबंध में एक जनहित याचिका पर पीठ ने अंतरिम आदेश जारी किया. मामले में 12 मार्च को अगली सुनवाई होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 18, 2020, 9:44 PM IST
  • Share this:
चेन्नई. न्यायमूर्ति एम सत्यनारायण और न्यायमूर्ति आर हेमलता की पीठ ने ‘फेडरेशन ऑफ तमिलनाडु इस्लामिक एंड पॉलिटिकल आर्गेनाइजेशन’ और इससे संबद्ध संगठनों को बुधवार से प्रस्तावित प्रदर्शन पर 11 मार्च तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी है. प्रदर्शन के लिए अनुमति प्रदान करने से पुलिस को रोकने की मांग के संबंध में एक जनहित याचिका पर पीठ ने अंतरिम आदेश जारी किया. मामले में 12 मार्च को अगली सुनवाई होगी.

अदालत ने स्पष्ट किया कि वह संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) या राष्ट्रीय नागरिक पंजी (National Register of Citizens) या राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (National Population Register) पर कोई राय व्यक्त नहीं कर रही है .

सरकार पर दबाव बनाने के लिए होने वाला था प्रदर्शन
अन्नाद्रमुक सरकार (AIADMK Government) पर दबाव बनाने के लिए घेराव प्रदर्शन का आह्वान किया गया था ताकि सीएए के विरोध में प्रस्ताव लाया जाए जैसा कि गैर भाजपा शासन वाले कई राज्यों ने किया है.



विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र के दौरान विपक्षी द्रमुक द्वारा सीएए विरोधी प्रस्ताव लाने की अनुमति नहीं दी थी. संशोधित कानून को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने वाली याचिकाओं का हवाला देते हुए उन्होंने इसके लिए नोटिस की अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा था कि मामला न्याय के अधीन है.

20 फरवरी से है विधानसभा का बजट सत्र
राज्य विधानसभा के बजट सत्र का पहला चरण 20 फरवरी तक है. इससे पहले, राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता एस आर राजगोपाल ने अदालत को बताया कि पुलिस से अनुमति मांगने के लिए कोई भी आवेदन पांच दिन पहले आना चाहिए लेकिन इस मामले में फेडरेशन ने बुधवार को प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए सोमवार को पुलिस के पास आवेदन दिया.

उन्होंने दलील दी कि मद्रास सिटी पुलिस कानून की धारा 41 के तहत लागू निषेधाज्ञा के कारण 13 फरवरी से 15 दिन तक शहर में किसी भी तरह के प्रदर्शन या धरने पर रोक है .

लगाया था ये आरोप
पेशे से पत्रकार याचिकाकर्ता वराकी ने दलील दी कि अगर विधानसभा का घेराव करने की अनुमति दी गयी और सचिवालय के पास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को आने की अनुमति मिली तो राज्य सरकार का सामान्य कामकाज पूरी तरह चरमरा जाएगा.

सीएए के खिलाफ चेन्नई के उत्तरी हिस्से में हालिया प्रदर्शन सहित कई विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे प्रदर्शनों में निर्दोष लोगों को शामिल होने के लिए उकसाया जा रहा है और अफवाहें फैलाकर गड़बड़ी पैदा की जा रही है.

ये भी पढ़ें-
तेलंगाना- शख्स को नहीं मिला कोई साधन तो चुरा ली सरकारी बस, जल्द जाना था घर

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा- वोटर आईडी कार्ड नागरिकता का सबूत नहीं

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 18, 2020, 8:55 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर