मोदी-जिनपिंग की यात्रा के समय होर्डिंग की अनुमति नहीं दी, रिपोर्टिंग गलत की गई: हाईकोर्ट

NEET की तैयारी के ल‍िये महंगी कोचिंग करनी पड़ती है छात्रों को. इस पर मद्रास हाई कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई है.
NEET की तैयारी के ल‍िये महंगी कोचिंग करनी पड़ती है छात्रों को. इस पर मद्रास हाई कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (XI Jinping) भारत यात्रा के दौरान इस महीने तमिलनाडु (Tamilnadu) के महाबलीपुरम (Mahabalipuram) आए थे. इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और जिनपिंग के स्वागत में एयरपोर्ट से लेकर महाबलीपुरम तक के 60 किमी के रास्ते पर फ्लेक्स बोर्ड और होर्डिंग लगाने की अनुमति मांगी गई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 23, 2019, 4:40 PM IST
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चेन्नई. मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यात्रा के दौरान शहर में होर्डिंग या फ्लेक्स बोर्ड्स लगाने की अनुमति नहीं दी थी. उन्होंने कहा, मीडिया ने इस बारे में गलत रिपोर्टिंग की. कोर्ट ने कहा, हमने फ्लेक्स बोर्ड खड़े करने की अनुमति नहीं दी थी. हमने सिर्फ इतना कहा था कि नियमों का पालन कीजिए. मीडिया ने बिना ऑर्डर पढ़े एक गलत संदेश लोगों तक पहुंचाया. कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा, अगली बार अगर अदालत के आदेशों को गलत बताया तो हर किसी पर अवमानना ​​का केस डाल दिया जाएगा.

बता दें कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत यात्रा के दौरान इस महीने तमिलनाडु के महाबलीपुरम आए थे. इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिनपिंग के स्वागत में एयरपोर्ट से लेकर महाबलीपुरम तक के 60 किमी के रास्ते पर फ्लेक्स बोर्ड और होर्डिंग लगाने की अनुमति मांगी गई थी. इस मामले में जस्टिस एम सत्यनारायणन और जस्टिस एन शेषासायी की बैंच के सामने सुनवाई की गई थी. तब खबरें आई थीं कि बैंच ने अपने ऑर्डर में है कि होर्डिंग पर प्रतिबंध राजनीतिक पार्टियों के लिए हैं. सरकारी कार्यक्रमों के लिए नहीं.

डीएमके ने इस मामले में सरकार की ओर से दायर की गई याचिका का विरोध किया था. डीएमके ने कहा था कि इसमें सरकार का एजेंडा छिपा है. इसके जरिए तमिलनाडु की AIADMK सरकार अपना प्रचार करेगी. इस याचिका को नगर निगम कमिश्नर की ओर से सरकार की ओर से दायर किया गया था. इसमें नगर निगम की ओर से कहा गया था कि वह शहर में होर्डिंग या फ्लेक्स बोर्ड लगाने की अनुमति नहीं दे सकती. क्योंकि इससे पहले कोर्ट ने होर्डिंग कल्चर पर सरकार को फटकार लगाते हुए इस पर रोक लगाने को कहा था. दरअसल ये मामल तब उठा जब एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत होर्डिंग की चपेट में आने के कारण हो गई थी.



कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए तमिलनाडु सरकार और चेन्नई नगर निगम से कहा था कि वह अवैध रूप से होर्डिंग लगाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाएं.
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