तमिलनाडु टॉर्चर केस: मजिस्ट्रेट से बोला पुलिसवाला- 'आप हमारा कुछ नहीं कर पाएंगे, हाईकोर्ट ने कहा- थाने पर कंट्रोल करें

तमिलनाडु में हुई थी‍ पिता-पुत्र की मौत. (Pic- Social Media)
तमिलनाडु में हुई थी‍ पिता-पुत्र की मौत. (Pic- Social Media)

#JusticeForJeyarajAndBennicks: तमिलनाडु (Tamil Nadu) के तूतीकोरिन जिले में पिछले दिनों पुलिस हिरासत में बुरी तरह प्रताड़ना के कारण कथित रूप से 59 वर्षीय जयराज और उनके 31 वर्षीय बेटे बेनिक्स की मौत हो गई थी.

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नई दिल्‍ली. तमिलनाडु (Tamil Nadu) के तूतीकोरिन जिले में पिछले दिनों पुलिस हिरासत में पिता और पुत्र की कथित रूप से मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. मद्रास हाईकोर्ट (Madras High court) ने भी इस इस मामले पर जवाब मांगा था. साथ ही तमिलनाडु सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का भी फैसला लिया है. सोमवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि वह सतनाकुलम पुलिस स्टेशन पर नियंत्रण करने के लिए राजस्व अधिकारियों को नियुक्त करें.

तमिलनाडु में पिता और पुत्र की मौत की जांच के लिए मद्रास हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त मजिस्ट्रेट ने अदालत को लिखा है कि संबंधित थाने के अधिकारियों ने सबूत नष्ट कर दिए थे, जांच में सहयोग नहीं किया था और न्यायिक टीम को डराने की कोशिश की थी. मजिस्‍ट्रेट ने यह भी बताया कि कांस्‍टेबल महाजन ने उनसे कहा कि आप हमें कुछ नहीं कर सकते. इसी शिकायत का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने पुलिस स्‍टेशन पर नियंत्रण को लेकर आदेश दिया. अदालत ने एएसपी डी कुमार, डीएसपी प्रतापन और कांस्टेबल महाजन के खिलाफ आपराधिक अवमानना ​की ​कार्रवाई भी शुरू की. हाईकोर्ट ने इन्‍हें मंगलवार को सुबह 10:30 बजे तक कोर्ट में पेश होने को कहा है.

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वहीं तूतीकोरिन पुलिस ने कहा कि सथानकुलम पुलिस थाना जहां कथित तौर पर दोनों की बुरी तरह पिटाई की गई थी वहां के इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है और उसकी जगह नया अधिकारी आ चुका है.

मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की घोषणा के बारे में पूछने पर पीड़ितों के परिजनों ने कहा कि मंगलवार को मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ में होने वाली अगली सुनवाई का वे इंतजार करेंगे.

विपक्षी दल द्रमुक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जनता, सियासी दलों तथा मीडिया के दबाव की वजह से सीबीआई जांच का निर्णय लिया है. द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने कहा कि अगर सरकार का इस मामले में पीड़ितों को न्याय दिलाने का इरादा था तो इस घटना में कथित तौर शामिल लोग अब भी आजाद नहीं घूम रहे होते.

बता दें क‍ि पी जयराज और उनके बेटे जे फेनिक्स के रिश्तेदारों ने आरोप लगाया है कि लॉकडाउन के दौरान अपनी मोबाइल दुकान खुली रखने को लेकर पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए इन दोनों के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की. जेल अधिकारियों के अनुसार जब फेनिक्स को जेल लाया गया तब उसके शरीर से खून बह रहा था. तूतीकोरिन के जिलाधिकारी संदीन नंदूरी ने बताया कि दोनों को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें कोविलपट्टी उपजेल में रखा गया था. उन्होंने बताया कि फेनिक्स बीमार पड़ गया और सोमवार को कोविलपट्टी सामान्य अस्पताल में उसकी मौत हो गई. जबकि उसके पिता की मंगलवार को मौत हो गई थी.
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