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Maharashtra COVID-19: महाराष्ट्र में नई लहर की आशंका! 42 दिन बाद फिर सबसे ज्यादा नए केस

बीते 6 दिनों से राज्य में रोज 3 हजार से ज्यादा मामले मिल रहे हैं.
(प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)
बीते 6 दिनों से राज्य में रोज 3 हजार से ज्यादा मामले मिल रहे हैं. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

Covid-19 in Maharashtra: पूरे देश के मुकाबले केरल (Kerala) और महाराष्ट्र में कोरोना के हाल बेकाबू नजर आ रहे थे. इसके चलते केंद्र सरकार ने दोनों राज्यों में उच्चस्तरीय टीम भेजने का भी फैसला किया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 16, 2021, 10:27 AM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस (Corona Virus) का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. मामलों में रिकॉर्ड गिरावट के 42 दिन बाद महाराष्ट्र एक बार फिर देश का सर्वाधिक प्रभावित राज्य बन गया है. 3365 नए कोविड-19 (Covid-19) मरीजों के साथ राज्य ने केरल को भी पीछे छोड़ दिया है. केरल में सोमवार को 2884 मरीज मिले थे. खास बात यह है कि राज्य में बीते साल 30 नवंबर के बाद पहली बार इतने मामले मिले हैं.

औरंगाबाद में शनिवार रात पत्रकारों से बातचीत के दौरान डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) ने कहा, 'अगर मामले लगातार बढ़ते रहे, तो हमें मुख्यमंत्री से बात करके कड़े कदम उठाने होंगे.' सोमवार को राज्य में 23 मौतें भी हुई हैं. इस लिहाज से महाराष्ट्र में संक्रमितों का आंकड़ा 20 लाख 67 हजार 643 पर पहुंच गया है. जबकि, अब तक 51 हजार 552 मरीजों की मौत हो चुकी है. बीते 6 दिनों से राज्य में रोज 3 हजार से ज्यादा मामले मिल रहे हैं.

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कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए बीएमसी ने धारावी के कुछ क्षेत्रों में मोबाइल टेस्टिंग वैन तैनात की है. अधिकारियों को एक बार फिर मामले बढ़ने का डर है. धारावी, दादर और माहीम वाले जी नॉर्थ वॉर्ड में साप्ताहिक ग्रोथ रेट 0.12 प्रतिशत देखा गया है. हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने केरल से आने वाले यात्रियों के लिए RT-PCR टेस्ट अनिवार्य कर दिया है. पूरे देश के मुकाबले केरल और महाराष्ट्र में कोरोना के हाल बेकाबू नजर आ रहे थे. इसके चलते केंद्र सरकार ने दोनों राज्यों में हाईलेवल टीम भेजने का भी फैसला किया था.

सोमवार को भारत में 9 हजार 93 मरीज मिले. अगर बीते दो सोमवार से तुलना की जाए, तो मामलों में इजाफा हुआ है. सोमवार को मामलों में कमी की वजह वीकेंड पर स्टाफ की कमी और कम टेस्टिंग है. इस  सोमवार को 4.9 लाख से कम भी कम जांच हुईं. 6 महीनों में पहली बार टेस्टिंग की संख्या इतनी कम हुई है. सोमवार को देश में 82 लोगों की जान गई. इसके बाद मौतों का आंकड़ा 1 लाख 55 हजार 844 पर पहुंच गया है.
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