महाराष्ट्र: बीजेपी में शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप, एकनाथ खडसे ने उठाया अजित पवार से समर्थन पर सवाल

महाराष्ट्र: बीजेपी में शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप, एकनाथ खडसे ने उठाया अजित पवार से समर्थन पर सवाल
शपथ लेने के बाद देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार की फाइल फोटो

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता देवेंद्र फडणवीस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजित पवार (Ajit pawar) ने क्रमशः मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 27, 2019, 2:35 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra assembly elections) के परिणाम आने के एक महीने से भी ज्यादा समय के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस (Shiv sena, ncp and congress) की गठबंधन सरकार बनेगी. इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra fadanvis) ने एनसीपी के अजित पवार (Ajit pawar) की मदद से सरकार बनाने का दावा किया. इसके बाद फडणवीस ने मुख्यमंत्री और अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. हालांकि सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) की ओर से 27 नवंबर यानी बुधवार शाम तक फ्लोर टेस्ट कराने के आदेश के बाद दोनों ने बारी-बारी से इस्तीफा दे दिया.

इन तमाम घटनाक्रम के बीच अब महाराष्ट्र की बीजेपी इकाई में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. इसकी शुरुआत की है बीजेपी नेता एकनाथ खडसे (Eknath khadse) ने. खडसे ने अजित पवार से समर्थन लेने पर सवाल किया है. खडसे ने कहा 'मेरी निजी राय है कि भाजपा को अजीत 'दादा' पवार का समर्थन नहीं लेना चाहिए था. वह बड़े पैमाने पर सिंचाई घोटाले के आरोपी हैं. उन पर और भी कई आरोप हैं. इसलिए हमें उनके साथ गठबंधन नहीं करना चाहिए था.'

महाराष्ट्र के सिंचाई मंत्री के रूप में अजीत पवार के कार्यकाल के दौरान कथित घोटाले से संबंधित नौ मामले सोमवार को राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बंद कर दिए थे.



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खडसे ने कहा, शिवसेना-BJP को निकालना था हल
खडसे ने मंगलवार शाम संवाददाताओं से कहा, 'अजित पवार के लिए यह अधिक अपमानजनक होता कि वह महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के लिए इंतजार करते. उम्मीद थी कि वह (अजित पवार) पद छोड़ देंगे.' खडसे ने कहा कि 'उनकी पार्टी और शिवसेना को आपसी मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करना चाहिए था. अगर वे कुछ हल निकाल लेते तो महाराष्ट्र के लिए बेहतर होता.'

इससे पहले महाराष्ट्र के घटनाक्रम पर भाजपा प्रमुख अमित शाह ने बुधवार को कहा कि पार्टी राज्यपाल के पास गई क्योंकि अजीत ने पार्टी से राकांपा के विधायक दल के नेता के रूप में संपर्क किया. अमित शाह ने कहा कि 'अजीत पवार समर्थन पत्र के साथ हमारे पास आए, इसलिए हम आगे बढ़े. वे विधायक दल के नेता थे. अजीत पवार के खिलाफ एक भी मामला वापस नहीं लिया गया, मीडिया रिपोर्ट्स गलत थीं. भाजपा ने कभी भी अजीत पवार के साथ जाकर अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया. बीजेपी ने कभी भी हॉर्स ट्रेडिंग नहीं की.'

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