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महाराष्ट्र: भिवंडी में प्रसव के लिए महिला को अस्पताल जाना होगी अनिवार्यता

अधिकारी ने बताया कि भिवंडी कस्बे में एक साल में करीब 12,000 से 13,000 प्रसव हुए हैं, जिनमें से 3,000-4,000 प्रसव घरों में कराए गए हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
अधिकारी ने बताया कि भिवंडी कस्बे में एक साल में करीब 12,000 से 13,000 प्रसव हुए हैं, जिनमें से 3,000-4,000 प्रसव घरों में कराए गए हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अधिकारी ने बताय फिलहाल भिवंडी निजामपुर म्युनिसिपल (BNMC) में 15 सरकारी स्वास्थ्य केंद्र हैं. आरोग्य सखी कार्यक्रम के तहत कम संसाधन वाले समुदायों की महिला उद्यमियों को ट्रैनिंग दी जाएगी. इस दौरान महिलाओं को स्वास्थ्य जांच से जुड़ी चीजें सिखाई जाएंगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 3, 2021, 11:04 PM IST
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ठाणे. महाराष्ट्र में भिवंडी निजामपुर नगर निगम (Bhiwandi Nizampur Municipal Corporation) ने घरों में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण गर्भवती (Pregnant) महिलाओं के लिए अस्पताल में प्रसव कराना अनिवार्य बनाने का फैसला किया है. नगर इकाई के स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर के आर खराट ने बताया कि निगम ने यह संज्ञान लिया कि झुग्गियों और ग्रामीण इलाकों में घरों में प्रसव की वजह से कई बार गर्भवती महिला और बच्चे की मौत तक हो जाती है.

उन्होंने बताया कि भिवंडी कस्बे में एक साल में करीब 12,000 से 13,000 प्रसव हुए हैं, जिनमें से 3,000-4,000 प्रसव घरों में कराए गए हैं. उन्होंने कहा कि घरों में प्रसव के दौरान जच्चा एवं बच्चा को उचित स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाता है. उन्होंने बताया कि भिवंडी निजामपुर नगर आयुक्त डॉक्टर पंकज आशिया ने ‘आरोग्य सखी’ कार्यक्रम को अनिवार्य तौर पर लागू करने तथा अस्पतालों में ही प्रसव कराने को अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया है.





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उन्होंने बताया कि फिलहाल भिवंडी निजामपुर म्युनिसिपल में 15 सरकारी स्वास्थ्य केंद्र हैं. आरोग्य सखी कार्यक्रम के तहत कम संसाधन वाले समुदायों की महिला उद्यमियों को ट्रैनिंग दी जाएगी. इस दौरान महिलाओं को स्वास्थ्य जांच से जुड़ी चीजें सिखाई जाएंगी. डॉक्टर खराट ने बताया कि निकाय जल्द ही हर स्वास्थ्य केंद्र पर 20 आरोग्य सखियों को नियुक्त करेगा. ये सखियां झुग्गी बस्तियों में जाकर यह सुनिश्चित करेंगी कि महिलाएं जांच और डिलीवरी के लिए स्वास्थ्य केंद्र जा रहीं हैं या नहीं.

खास बात है कि बीएनसीएमसी ने कोरोना वायरस पर भी बेहतर ढंग से काबू पाया है. यहां कोविड-19 के रोज मिलने वाले मामलों में कमी आई है. वहीं, मौतों का आंकड़ा भी गिरा है. आयुक्त आशिका ने दावा किया है कि ज्यादा आरटी-पीसीआर टेस्ट होने और एंटीजन टेस्ट को पूरी तरह से हटाने के चलते यह बदलाव हुआ है.

(भाषा इनपुट के साथ)
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