महाराष्ट्र कोविड कार्य बल के सदस्य ने कहा- रामदेव की टिप्पणी गैर जिम्मेदाराना

योगगुरु बामा रामदेव. (फाइल फोटो)

योगगुरु बामा रामदेव. (फाइल फोटो)

Ramdev Remark on Allopathy: मराठी समाचार चैनल से बातचीत में डॉक्टर जोशी ने कहा, ‘‘ऐसी गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी करना गलत है. रेमडेसिविर उपचार में सहायता करती है, लेकिन यह जीवन रक्षक दवा नहीं है. इसका किसी भी व्यक्ति पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है. ऐलोपैथी के बारे में ऐसी टिप्पणी करना गलत है.’’

  • Share this:

मुंबई. महाराष्ट्र कोविड-19 कार्य बल के सदस्य और वरिष्ठ चिकित्सक शशांक जोशी ने एलोपैथी पर योग गुरु बाबा रामदेव (Yoga Guru Baba Ramdev) की टिप्पणी को शनिवार को गलत और गैर जिम्मेदाराना बताया.वहीं आज दिन में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भी रामदेव की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. वायरल हुए एक वीडियो में रामदेव ने एलोपैथी को ‘मूर्खतापूर्ण विज्ञान’ बताते हुए कहा था कि एलोपैथी दवाएं (Allopathy Medicines) लेने के बाद लाखों लोगों की मौत हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत के औषधि महानियंत्रक द्वारा स्वीकृत रेमडेसिविर, फेवीफ्लू और अन्य दवाएं कोविड-19 का उपचार करने में असफल रही हैं.

मराठी समाचार चैनल से बातचीत में डॉक्टर जोशी ने कहा, ‘‘ऐसी गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी करना गलत है. रेमडेसिविर उपचार में सहायता करती है, लेकिन यह जीवन रक्षक दवा नहीं है. इसका किसी भी व्यक्ति पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है. ऐलोपैथी के बारे में ऐसी टिप्पणी करना गलत है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धतियों का भी सम्मान करता हूं.’’

ये भी पढ़ें- क्‍या आपका मास्‍क ही दे रहा है आपको ब्‍लैक फंगस, बता रहे हैं विशेषज्ञ

IMA ने टिप्पणी को बताया गैरजिम्मेदाराना
भारतीय चिकित्सा संघ ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को योग गुरु रामदेव के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि उन्होंने एलोपैथी के खिलाफ ‘‘गैरजिम्मेदाराना’’ बयान दिए और वैज्ञानिक दवा की छवि बिगाड़ी.

डॉक्टरों की शीर्ष संस्था ने एक बयान में कहा कि रामदेव पर महामारी रोग कानून के तहत मुकदमा चलाना चाहिए क्योंकि ‘‘अशिक्षित’’ बयान ‘‘देश के शिक्षित समाज के लिए एक खतरा है और साथ ही गरीब लोग इसका शिकार हो रहे हैं.’’

सोशल मीडिया पर चल रही एक वीडियो का हवाला देते हुए आईएमए ने कहा कि रामेदव कह रहे हैं कि ‘‘एलोपैथी एक ऐसी स्टुपिड और दिवालिया साइंस है...’’. उन्होंने यह भी कहा कि एलोपैथी की दवाएं लेने के बाद लाखों लोगों की मौत हो गई.



ये भी पढ़ें- Corona Vaccination पर जावड़ेकर का दिल्ली के CM को जवाब- बंद करें बहानेबाजी

आईएमए ने कहा, ‘‘केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री (हर्षवर्धन), जो खुद आधुनिक चिकित्सा एलोपैथी के डॉक्टर रह चुके हैं और स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रमुख हैं, वे या तो इन सज्जन की चुनौती और आरोप स्वीकार करें और आधुनिक चिकित्सा की सुविधा भंग कर दें या ऐसी अवैज्ञानिक बातों से लाखों लोगों को बचाने के लिए उन पर महामारी कानून के तहत मुकदमा दर्ज करें.’’


उसने आरोप लगाया कि रामदेव स्थिति का फायदा उठाने और व्यापक पैमाने पर लोगों के बीच डर तथा आक्रोश पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.

(Disclaimer: यह खबर सीधे सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है. इसे News18Hindi टीम ने संपादित नहीं किया है.)

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज