महाराष्ट्र में मानवता शर्मसार: नहीं मिली एंबुलेंस, तो कूड़ा गाड़ी से श्मशान ले गए कोरोना से मरे व्यक्ति का शव

नई दिल्ली के एक अस्पताल में कोरोना से मरे एक महिला का शव. (रॉयटर्स फाइल फोटो)

नई दिल्ली के एक अस्पताल में कोरोना से मरे एक महिला का शव. (रॉयटर्स फाइल फोटो)

Maharashtra Coronavirus News: महाराष्ट्र के उस्मानाबाद में कूड़ा गाड़ी से शव ले जाने की नौबत इसलिए आई क्योंकि वहां कोई एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाई और निजी वाहनों ने शव को श्मशान तक पहुंचाने से मना कर दिया.

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औरंगाबाद. कोरोना वायरस संक्रमण से गंभीर रूप से जूझ रहे महाराष्ट्र (Coronavirus in Maharashtra) में मानवता को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है. राज्य के उस्मानाबाद जिले में कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) से मरने वाले एक व्यक्ति के शव को कूड़ा उठाने वाले वाहन के जरिये श्मशान पहुंचाया गया. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वहां कोई एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाई और निजी वाहनों ने शव को श्मशान तक पहुंचाने से मना कर दिया.



धोल्की पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना सोमवार की है. जब किसी गांव का एक व्यक्ति सात किलोमीटर दूर नजदीक के तेर गांव में डॉक्टर के पास गया और वहीं उसके क्लीनिक के बाहर गिर गया. इस घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई. जिसके बाद सरकारी अस्पताल की एक टीम घटनास्थल पर पहुंची. उस व्यक्ति की रैपिड एंटीजन जांच किए जाने पर वह कोरोना से संक्रमित पाया गया.



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अस्पताल के कर्मचारियों ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को गांव के लोगों के हवाले कर दिया. गांव के सरपंच विजय हजगुड़े ने बताया कि मृतक के शव को श्मशान घाट ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था करने की कोशिश की गई, लेकिन तेर अस्पताल की एंबुलेंस एक गर्भवती महिला को ले जाने के लिए बुक थी.


दोगुना किराया देने की पेशकश करने के बाद बावजूद निजी वाहनों ने भी श्मशान घाट जाने से इनकार कर दिया. अंत में शव को श्मशान घाट तक ले जाने के लिए एक कूड़ा उठाने वाली गाड़ी का इस्तेमाल किया गया.


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