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कृषि कानूनों के खिलाफ मानसून सत्र में प्रस्ताव पारित करेगी महाराष्ट्र सरकार, जानें

कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं.

कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं.

राज्य विधानमंडल का मानसून सत्र पांच और छह जुलाई को होना है. मलिक ने एक बयान में कहा, ‘‘सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी (एमवीए) में तीनों दल (शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस) केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कानूनों का विरोध कर रहे हैं. इन कानूनों पर हमारा विरोध बरकरार है.

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    मुंबई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार अगले सप्ताह राज्य विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित करेगी. उन्होंने कृषि कानूनों को लेकर पार्टी प्रमुख शरद पवार की कुछ टिप्पणियों का भी खंडन किया.

    राज्य विधानमंडल का मानसून सत्र पांच और छह जुलाई को होना है. मलिक ने एक बयान में कहा, ‘‘सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी (एमवीए) में तीनों दल (शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस) केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कानूनों का विरोध कर रहे हैं. इन कानूनों पर हमारा विरोध बरकरार है. इन कानूनों का विरोध करने के लिए राज्य सरकार राज्य विधानमंडल के मानसून सत्र में प्रस्ताव पारित करेगी. ’’ उन्होंने कहा कि तीनों कानूनों का अध्ययन करने के संबंध में गठित समिति राज्य सरकार द्वारा लागू किए जाने वाले कानून का मसौदा तैयार करने के लिए किसान नेताओं से बात करेगी.

    मलिक ने कहा, ‘‘जब तक किसान कानून के मसौदे को स्वीकार नहीं करेंगे, तब तक राज्य सरकार आगे नहीं बढ़ेगी. ’’ उन्होंने कहा कि राकांपा का विचार है कि तीन केंद्रीय कानूनों को निरस्त किया जाना चाहिए. मलिक ने कहा, ‘‘केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने तीन कृषि कानूनों पर शरद पवार के विचारों के बारे में एक टिप्पणी की, जो राकांपा प्रमुख ने कभी नहीं कहा. पवार ने तीन केंद्रीय कानूनों पर कुछ नहीं बोला. पवार केवल इस बात की जानकारी दे रहे थे कि राज्य सरकार केंद्र के कानूनों खिलाफ क्या कदम उठा रही है. ’’

    पवार ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा कि केंद्र को उत्तर भारत के उन किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए जो पिछले सात महीनों से नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र को उनसे बातचीत तेज करनी चाहिए. मुद्दे पर राजनीतिक मतभेद रखना गलत है. ’’ राकांपा प्रमुख ने यह भी कहा था कि महाराष्ट्र सरकार केंद्र द्वारा पिछले साल बनाए गए तीन कृषि कानूनों को राज्य में लागू होने करने से पहले उसमें संशोधन का समर्थन करती है. ’’

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