'पीक-ऑवर' छोड़कर लोकल ट्रेनों में सफर कर सकेंगे मुंबई के वकील

वकीलों को दी गई मुंबई लोकल में सफर की छूट. (फाइल फोटो)
वकीलों को दी गई मुंबई लोकल में सफर की छूट. (फाइल फोटो)

राज्य सरकार (Maharashtra government) का यह निर्णय बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के आधार पर लिया गया है. अभी इसे प्रयोगात्मक तौर पर 23 नवंबर तक के लिए शुरू किया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 22, 2020, 9:50 PM IST
  • Share this:
मुंबई. महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra government) ने गुरुवार को महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल से संबद्ध वकीलों (lawyers) को 'पीक-ऑवर' छोड़कर मुंबई लोकल में सफर करने की छूट दे दी है. वकीलों के साथ यह छूट रजिस्टर्ड क्लर्क्स को भी दी गई है. लेकिन वकील या क्लर्क अभी लोकल ट्रेनों से यात्रा अपने काम के सिलसिले में ही कर सकेंगे. राज्य सरकार का यह निर्णय बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के आधार पर लिया गया है. अभी इसे प्रयोगात्मक तौर पर 23 नवंबर तक के लिए शुरू किया गया है.

इस समय सफर कर सकेंगे वकील
जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार के इस निर्णय से हाईकोर्ट और अन्य कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले 2 हजार से ज्यादा वकील लाभांवित होंगे. इंडियन एक्सप्रेस पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक वकील सुबह आठ बजे से पहले, फिर 11 बजे से 4 बजे तक और फिर शाम 7 बजे के बाद लोकल का सफर कर सकेंगे.

मासिक पास नहीं करेगा काम
इस दौरान वकीलों मासिक पास का फायदा नहीं उठा सकेंगे. उन्हें बार काउंसिल का आयडेंटिटी कार्ड दिखाने के बाद ही सामान्य टिकट दिया जाएगा. वकीलों, मजदूरों को लोकल से सफर की छूट देने के मामले को लेकर 29 अक्टूबर को हाईकोर्ट में दोबारा सुनवाई होगी. इसमें राज्य सरकार को कोर्ट में जवाब देना है.



महाराष्ट्र रहा है सर्वाधिक प्रभावित राज्य
गौरतलब है कि मुंबई देश में कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित शहरों में से रहा है. वहीं महाराष्ट्र देश में सर्वाधिक प्रभावित राज्य है. राज्य में अब तक कोरोना के कुल 16 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं जिनमें 14 लाख से ज्यादा रिकवर भी हो चुके हैं. राज्य में एक्टिव केस की संख्या इस वक्त 1 लाख 59 हजार है. वहीं 42 हजार से ज्यादा लोगों ने जान गंवाई है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज