महाराष्ट्र में क्यों लागू नहीं हो सकता है लॉकडाउन? जानें उद्धव ठाकरे ने क्या कहा

महाराष्ट्र में कोरोना आउट ऑफ कंट्रोल हो गया है- उद्धव ठाकरे (Photo- ANI)

Maharashtra Latest news: उद्धव ठाकरे ने कहा, ''कोरोना की परिस्थिति अगर ऐसी ही रही तो लॉकडाउन की बात को नकारा नहीं जा सकता है. आज पूर्ण लॉकडाउन के संकेत दे रहा हूं. लॉकडाउन लगा नहीं रहा हूं. 2 दिनों में चर्चा कर निर्णय लूंगा.''

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    मुंबई. महाराष्ट्र में कोरोना का कहर जारी है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में कोरोना (Maharashtra Coronavirus) के सबसे अधिक 47,827 नए मामले सामने आए हैं. इतने ही समय में 202 लोगों की मौत हुई. नए मामले सामने आने के बाद राज्य में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 29,04,076 के पार पहुंच गया है.

    कोरोना के मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) ने राज्य में सख्ती के संकेत दिए हैं. शुक्रवार को राज्य के लोगों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, ''कोरोना की परिस्थिति अगर ऐसी ही रही तो लॉकडाउन की बात को नकारा नहीं जा सकता है. आज पूर्ण लॉकडाउन के संकेत दे रहा हूं. लॉकडाउन लगा नहीं रहा हूं. 2 दिनों में चर्चा कर निर्णय लूंगा.'' आखिरकार उद्धव ठाकर ने ऐसा क्यों कहा आइए जानते हैं इसके बारे में...

    आर्थिक पहिया...

    शुक्रवार को अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने कहा था, यह बहुत बड़ी दुविधा है. यदि हम लॉकडाउन लागू करते हैं, तो आर्थिक पहिया बंद हो जाएगा. अगर आर्थिक पहिया काम कर रहा है, तो आपदा है. 2020 में लॉकडाउन के दौरान छोटे और मध्यम आय वाले व्यवसायों से होने वाले आर्थिक नुकसान की आशंका अब कई लोगों के लिए नए सिरे से होगी. कुछ वक्त पहले ही सिनेमा, खुदरा और खरीदारी उद्योगों से संबंधित संगठनों ने ठाकरे से महाराष्ट्र में लॉकडाउन लागू नहीं करने का आग्रह किया था. मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (MAI), रिटेल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RAI), और शॉपिंग सेंटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा था कि वे सरकार के सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं, यदि लॉकडाउन लागू होता है तो व्यापार में गिरावट आएगी, जो वर्तमान में रिकवरी प्रक्रिया में थी.

    नियमों का पालन करना है जरूरी
    उद्धव के अनुसार, लॉकडाउन से बचना है, तो इन नियमों का पालन करना ही होगा. उद्धव ने कहा विपक्ष धमकियां दे रहा है कि लॉकडाउन किया गया तो वे सड़क पर उतरेंगे. उन्हें सड़क पर उतरना है तो जरूर उतरें. लेकिन कोरोना से लड़ने के लिए उतरें. स्वास्थ्यकर्मियों की मदद करने के लिए उतरें. उन्होंने कहा कि कड़े नियम लागू किए जाने के बावजूद लोग इसकी धज्जियां उड़ाते हुए नजर आए.

    कोरोना की वैक्सीन
    2020 में जब कोरोना वायरस की देश में शुरुआत हुई थी तब लॉकडाउन ही एक मात्र साधन था, क्योंकि उस समय कोरोना की कोई भी दवा या वैक्सीन बाजार में उपलब्ध नहीं थी. वर्तमान में कई कंपनियां कोरोना की वैक्सीन बना रही हैं.

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    ठाकरे ने कहा कि कोविड -19 की वर्तमान लहर "तूफान" की तरह है और टीका "छाता". यह छाता (टीका) हमें बारिश से सुरक्षित रखेगा, लेकिन वर्तमान में हम एक तूफान (महामारी) का सामना कर रहे हैं. हमें COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है जैसे मास्क पहनना, दूरी बनाए रखना और हाथ धोना.

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