महाराष्ट्र में 15 दिन का लॉकडाउन लगाने पर आज फैसला कर सकते हैं सीएम उद्धव- जानें सर्वदलीय बैठक की Inside Story

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को सर्वदलीय बैठक में कोरोना की रोकथाम के उपायों पर चर्चा की. (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को सर्वदलीय बैठक में कोरोना की रोकथाम के उपायों पर चर्चा की. (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र में कोरोना विस्फोट (Maharashtra Covid Situation) की वजह से प्रतिबंधों को लेकर चर्चा के लिए ही यह बैठक बुलाई गई थी. सभी नेता वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सम्मिलित हुए और अपने विचार रखे. हालांकि बैठक बेनतीजा रही. अब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) कोविड-19 टास्क फोर्स के साथ आज एक बैठक करेंगे. प्रतिबंधों को लेकर उसके बाद ही निर्णय किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 11, 2021, 6:49 AM IST
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विनय देशपांडे

मुंबई.
कोरोना की चिंताजनक स्थिति (COVID-19 worrying situation) के मद्देनजर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने शनिवार को सर्वदलीय बैठक की. हालांकि इस बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला लेकिन बैठक के दौरान विभिन्न पक्षों पर चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे ने अपने कैबिनेट के सहयोगियों और विपक्षी नेताओं से पूछा-'आप ही बताइए कि क्या समाधान है? मैं हर तरह ही सलाह का स्वागत करता हूं. आखिर इस स्थिति को हम नियंत्रण में कैसे लेकर आ सकते हैं?' दरअसल महाराष्ट्र में कोरोना विस्फोट की वजह से प्रतिबंधों को लेकर चर्चा के लिए ही यह बैठक बुलाई गई थी. सभी नेता वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सम्मिलित हुए और अपने विचार रखे.

इस बैठक में डिप्टी सीएम अजित पवार, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल, रेवेन्यू मंत्री बालासाहेब थोराट, कांग्रेस नेता अशोक चह्वाण, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले, शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे, नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस शामिल थे. इसके अलावा महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल, चीफ सेक्रेटरी सीताराम कुंते, स्वास्थ्य सचिव प्रदीप व्यास भी बैठक में मौजूद थे.

ढाई घंटे तक चली बैठक
सूत्रों के मुताबिक बैठक करीब ढाई घंटे तक चली. बैठक के दौरान सीएम उद्धव ठाकरे ने सभी को लॉकडाउन के पक्ष में तर्क दिए क्योंकि अभी के हालात में यही ऑप्शन दिखाई दे रहा है. लेकिन उन्हें तीखे विरोध का भी सामना करना पड़ा, विशेष तौर पर विपक्षी बीजेपी की तरफ से.

बैठक के दौरान ये कुछ महत्वपूर्ण हैं जिनपर चर्चा हुई

-15 दिन का सख्त लॉकडाउन इस वक्त एक बड़ी आशा है.



-वैक्सीनेशन एकमात्र समाधान नहीं है. मामलों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर लॉकडाउन अभी इकलौती आशा दिख रहा है.

-अगर लॉकडाउन न लगे तो आवाजाही रोकने के बेहद सख्त कदम उठाए जाएं.

-तेजी से बढ़ते मामले चिंता का सबब हैं.

-कोरोना की दूसरी लहर पहली से कहीं ज्यादा खतरनाक है और अस्पतालों में बेड लगभग भर चुके हैं.

-मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कोविड-19 टास्क फोर्स के साथ आज एक बैठक करेंगे. प्रतिबंधों को लेकर उसके बाद ही निर्णय किया जाएगा.

-अगर लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की प्रक्रिया बेहद कठिन बनी रहेगी.

-रेमिडिजिविर की कमी पर चर्चा हुई.

-आर्थिक रूप से कमजोर को लोगों को मदद पर चर्चा हुई.

-अगर लॉकडाउन की घोषणा की जाए तो दूसरे राज्य के लोगों को वापस लौटने का समय दिया जाए.
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