आखिर कहां और कैसे तय हुआ फडणवीस की इस्तीफा?

आखिर कहां और कैसे तय हुआ फडणवीस की इस्तीफा?
आखिर क्यों देवेंद्र फडणवीस ने इतनी जल्दबाजी में इस्तीफ़ा दे दिया?

बीजेपी में अचानक ऐसा क्या हुआ की फडणवीस ने विधानसभा में शक्ति परीक्षण के 24 घंटे पहले ही इस्तीफा दे दिया. हालांकि बहुमत साबित करने की तैयारी के लिए विधायकों की बैठक भी बुला ली गई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 26, 2019, 5:43 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में शनिवार सुबह शुरू हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा देवेंद्र फडणवीस (Devendra fadanvis) के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के साथ ही खत्म हो गया लेकिन अहम सवाल ये है लगातार बहुमत का दावा करने वावली बीजेपी (BJP) में अचानक ऐसा क्या हुआ की फडणवीस ने विधानसभा में शक्ति परीक्षण के 24 घंटे पहले ही इस्तीफा दे दिया. हालांकि बहुमत साबित करने की तैयारी के लिए विधायकों की बैठक भी बुला ली गई थी. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी ने मान लिया कि इतने कम समय में बहुमत के लिए ज़रूरी जादुई आकड़ों का जुगाड़ नहीं हो सकता या अजित पवार के इस्तीफे ने फडणवीस का खेल बिगाड़ दिया?

अजीत का पवार से मिलना तय हुआ टर्निंग प्वाइंट
सूत्रों की माने तो शनिवार से चल रहे इस हाई वोल्टेज ड्रामें में शरद पवार और अजित पवार की मुलाकात टर्निंग प्वाइंट साबित हुई. जैसे ही अजित पवार ने शरद पवार से मिलने के लिए हामी भरी बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को ये भरोसा हो गया कि अजित पवार के पास अब कुछ नहीं बचा है. बीजेपी को एहसास हो गया कि अजित पर दाव लगाना बीजेपी की महाराष्ट्र इकाई के लिए एक बड़ी गलती साबित होने जा रही है. वैसे भी हर घंटा बीतने के साथ ही अजित पवार के पाले में मौजूद विधायकों की संख्या कम होती जा रही थी. हालांकि फडणवीस ने केंद्रीय नेतृत्व को ये भरोसा दिला रखा था कि अजित पवार कुछ विधायकों को अपने पाले मे ले आएगें, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले में समय सीमा तय होने ने अजित की कोशिशों पर विराम लगा दिया.

दिल्ली से आया इस्तीफे का आदेश!
बीजेपी सूत्रों की माने तो पहले सुप्रीम कोर्ट का बहुमत परीक्षण के लिए समय सीमा तय करना और उसके बाद अजित पवार का शरद पवार से मिलने जाना इन दोनों घटनाओं के बाद दिल्ली में बैठा बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व हरकत में आ गया. आनन-फानन में बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और महाराष्ट्र के हालात के बारे में अवगत कराया, जहां ये फैसला लिया गया कि जब अजित पवार शरद पवार से मिल रहे हैं इसका मतलब साफ है बीजेपी सरकार के पास बहुमत नहीं है और केंद्रीय नेतृत्व ने फडणवीस को तुरंत इस्तीफा देने का फरमान सुना दिया गया.



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