महाराष्ट्र में लॉकडाउन का बड़ा असर; 19 हजार जिंदगियां बचीं, अनुमान से 38 लाख केस कम आए: IISc

महाराष्ट्र में 9 अप्रैल से ही हर रोज 50 हजार से ज्यादा मामले देखे जा रहे थे. (फाइल फोटो; Shutterstock)

महाराष्ट्र में 9 अप्रैल से ही हर रोज 50 हजार से ज्यादा मामले देखे जा रहे थे. (फाइल फोटो; Shutterstock)

Maharashtra Lockdown: महाराष्ट्र में 9 अप्रैल से ही हर रोज 50 हजार से ज्यादा मामले देखे जा रहे थे. वहीं, सरकार ने अप्रैल से ही पाबंदियों के आदेश जारी कर दिए थे. जिसमें रेस्त्रां में बैठकर भोजन करने की मनाही और मॉल और मंदिर बंद करने की बात शामिल थी.

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मुंबई. कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी से देश के सर्वाधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र से अच्छी खबर आई है. राज्य में बीते 41 दिनों में पहली बार एक दिन में सबसे कम मरीजों की संख्या दर्ज की गई. सोमवार को राज्य में कुल 37 हजार 236 नए संक्रमित मिले. इसके अलावा प्रमुख शहर मुंबई (Mumbai) में भी मामलों में रिकॉर्ड गिरावट देखी गई है. राज्य में सरकार की तरफ से किए गए उपायों को लेकर बेंगलुरु की इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (Indian Institute of Science) ने रिपोर्ट जारी की है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि राज्य में लॉकडाउन के चलते हजारों जिंदगियां बच गईं. साथ ही सरकार ने लाखों नए मामलों पर लगाम लगाने में भी सफलता हासिल की है. हालांकि, कहा जा रहा है कि सरकार अभी लॉकडाउन (Lockdown) खत्म करने के मूड में नहीं है.

महाराष्ट्र में 9 अप्रैल से ही हर रोज 50 हजार से ज्यादा मामले देखे जा रहे थे. वहीं, सरकार ने अप्रैल से ही पाबंदियों के आदेश जारी कर दिए थे. जिसमें रेस्त्रां में बैठकर भोजन करने की मनाही और मॉल और मंदिर बंद करने की बात शामिल थी. रिपोर्ट के अनुसार, 4 अप्रैल को मुंबई में 11 हजार 206 मामले मिले थे. पहली लहर की तुलना में यह आंकड़ा एक दिन में मिलने वाले मरीजों के लिहाज से तीन गुना ज्यादा था. अब मुंबई में केवल 1 हजार 782 मामले मिले. यह आंकड़ा बीते 76 दिनों में सबसे कम है.

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लॉकडाउन ने बचाई जिंदगियां
बीते सोमवार को 31 मार्च के बाद पहली बार आंकड़े 40 हजार से गिरकर 37 हजार 236 पर पहुंचे. संस्था का कोविड डेशबोर्ड संभालने वाले डॉक्टर शशिकुमार गणेशन ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि महाराष्ट्र के उपाय ने दूसरी लहर में करीब 19 हजार जानें बचाई हैं. उन्होंने जानकारी दी है कि राज्य 38 लाख अतिरिक्त मामलों के बोझ से भी बच गया है.

9 मई को नेशनल ट्रेंड में अनुमान लगाया गया था कि राज्य में 95 हजार 300 मौतें होंगी. जबकि, असल आंकड़ा 75 हजार 850 पर है. वहीं, कहा जा रहा था कि मरीजों का आंकड़ा 9 मई तक 89 लाख हो जाएगा, लेकिन अब 51 लाख संक्रमित दर्ज किए गए हैं.




अन्य राज्यों में लॉकडाउन की सिफारिश

रिपोर्ट के अनुसार, गणेशन ने कहा, 'जब महाराष्ट्र ने राष्ट्रीय अनुमान की तुलना में बेहतर काम किया, तो तमिलनाडु और केरल जैसे अन्य राज्यों ने अनुमान से बुरा प्रदर्शन किया है.' IISc की टीम ने इन राज्यों में मई अंत तक हजारों जानें बचाने के लिए लॉकडाउन की सलाह दी है.

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