सिर्फ मेडिकल यूज के लिए इस्तेमाल होगी आक्सीजन, महाराष्ट्र सरकार ले सकती है फैसला

सीएम उद्धव ठाकरे ने ये बात कही है. (फाइल फोटो)

सीएम उद्धव ठाकरे ने ये बात कही है. (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने समाचार पत्र मालिकों, संपादकों और वितरकों के साथ एक ऑनलाइन संवाद में कहा कि महामारी से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा. हालांकि उन्होंने इसकी पुष्टि नहीं की है कि राज्यव्यापी लॉकडाउन होगा या नहीं.

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मुंबई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक इस्तेमाल के लिए तय आक्सीजन आपूर्ति (Oxygen Supply) को भी चिकित्सकीय उपयोग के लिए निर्धारित करने पर विचार कर रही है. इस वक्त देश में कोविड-19 के दैनिक मरीजों में से आधे से अधिक संक्रमित महाराष्ट्र में सामने आ रहे हैं. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने समाचार पत्र मालिकों, संपादकों और वितरकों के साथ एक ऑनलाइन संवाद में कहा कि महामारी से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा. हालांकि उन्होंने इसकी पुष्टि नहीं की है कि राज्यव्यापी लॉकडाउन होगा या नहीं.

महाराष्ट्र में शुक्रवार को कोविड-19 के 47827 नए मामले सामने आये जो लगभग साढ़े छह महीने में एक दिन में सामने आने वाले सबसे अधिक मामले हैं. वहीं देश में एक दिन में कोविड-19 के कुल 89,129 नए मामले सामने आये. ऐसे में जब ऑक्सीजन की मांग में वृद्धि हो रही है राज्य के जन स्वास्थ्य विभाग ने पिछले महीने ऑक्सीजन निर्माताओं को निर्देश दिया था कि वे अपने भंडार में से 80 प्रतिशत हिस्सा चिकित्सकीय उपयोग के लिए आपूर्ति करें जबकि बाकी 20 प्रतिशत औद्योगिक उद्देश्यों के लिए बनाए रखें.

महाराष्ट्र में ऑक्सीजन की दैनिक मांग 700 मीट्रिक टन हो गई है

ठाकरे ने कहा कि राज्य सरकार मामलों में वृद्धि और राज्य में स्थिति ‘खतरनाक’ होने के चलते शेष 20 प्रतिशत का उपयोग भी चिकित्सा के लिए निर्धारित करने पर विचार कर रही है. एक अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र में ऑक्सीजन की दैनिक मांग 700 मीट्रिक टन हो गई है जबकि राज्य की उत्पादन क्षमता 1200 मीट्रिक टन से अधिक है.
सरकार संक्रमण के एक भी मामले को छुपा नहीं रही है

चिकित्सकीय उपयोग के लिए 80 प्रतिशत आपूर्ति निर्धारित करने से संबंधित एक अधिसूचना मंगलवार को जारी की गई थी. इसमें कहा गया था कि यह नियम पूरे महाराष्ट्र में लागू होगा और 30 जून तक प्रभावी रहेगा. ठाकरे ने कहा कि राज्य सरकार जांच की संख्या बढ़ा रही है और साथ ही संक्रमण के एक भी मामले को छुपा नहीं रही है.

उन्होंने कहा कि सरकार ई-आईसीयू खोलने और टेलीमेडिसिन का उपयोग बढ़ाने जैसे कदमों पर भी विचार कर रही है. ठाकरे ने कहा, ‘अगर कोई ऐसा समय आता है जब किसी की आजीविका छीनती है, तो नाराजगी होना लाजमी है, लेकिन यदि दुविधा यह है कि जीवन बचायें या नौकरी तो जीवन को प्राथमिकता देना जरूरी है.’
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