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अजित पवार ने आखिर कैसे हासिल किया विधायकों का समर्थन पत्र? गहराया रहस्य

News18Hindi
Updated: November 24, 2019, 6:47 PM IST
अजित पवार ने आखिर कैसे हासिल किया विधायकों का समर्थन पत्र? गहराया रहस्य
ये अभी तक स्‍पष्‍ट नहीं हो पाया है कि अजित पवार को देवेंद्र फडणवीस के नेत्तव में सरकार बनाने के लिए एनसीपी विधायकों का समर्थन पत्र कैसे हासिल हुआ.

बीजेपी (BJP) ने दावा किया कि 30 अक्‍टूबर को अजित पवार (Ajit Pawar) को एनसीपी (NCP) विधायक दल का नेता चुना गया. उन्‍होंने विधायक दल के नेता की हैसियत से सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को समर्थन पत्र (Letter of Support) सौंपा. बीजेपी के नेतृत्‍व में महाराष्‍ट्र सरकार बनाने के लिए अजित पवार के एनसीपी विधायकों का समर्थन पत्र हासिल करने को लेकर सियासी गलियारों में कई कहानियां चल रही हैं.

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  • Last Updated: November 24, 2019, 6:47 PM IST
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सुमित पांडे

मुंबई. महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में चल रहे सियासी उठापटक के बीच अब तक यह दुविधा बनी हुई है कि एनसीपी (NCP) के बागी नेता अजित पवार (Ajit Pawar) को पार्टी के अन्‍य विधायकों का समर्थन पत्र (Letter of Support) कैसे हासिल हुआ, जिसे उन्‍होंने राज्‍यपाल भगत सिंह कोश्‍यारी (Bhagat Singh Koshyari) को सौंपा. इसके बाद  से राष्‍ट्रपति शासन (President’s Rule) हटाकर देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को मुख्‍यमंत्री (CM) और अजित पवार को उपमुख्‍मंत्री (Deputy CM) पद की शपथ दिला दी गई. बीजेपी ने दावा किया था कि अजित पवार को 30 अक्‍टूबर को एनसीपी विधायक दल का नेता चुना गया. उन्‍होंने इसी हैसियत से राज्‍यपाल को बीजेपी के नेतृत्‍व में सरकार बनाने का समर्थन पत्र सौंपा.

अजित पवार के साथ राजभवन गए विधायक भी नहीं सुलझा पाए राज
अजित पवार की ओर से अब तक इस बारे में कोई बयान नहीं आया. इस बीच यह रहस्‍य और गहराता जा रहा है कि उन्‍हें विधायकों का समर्थन पत्र कैसे हासिल हुआ? एनसीपी प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) से शनिवार को जब इस बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने शपथ ग्रहण कार्यक्रम में राजभवन (Raj Bhavan) गए कुछ विधायकों (MLAs) को पूरी कहानी बताने के लिए आगे कर दिया. विधायकों की बताई गई कहानी के बाद भी अजीत पवार की ओर से दिए गए पत्र की सामग्री (Content) और इसे प्राप्त करने के तरीके को लेकर रहस्य अब भी बरकरार है. एनसीपी में एक धड़ा मानता ​​है कि विधायक दल के नेता के तौर पर अजीत पवार का चुनाव पत्र मुंबई में पार्टी कार्यालय में पड़ा था. एनसीपी में इस तरह के सभी पत्र शरद पवार के विश्वसनीय सहयोगी शिवाजीराव गरजे हैंडल करते हैं.

गरजे ने शरद पवार से बात किए बिना ही अजित को दे दिया था पत्र
शिवाजीराव गरजे (Shivajirao Garje) पूर्व प्रशासनिक अधिकारी हैं. उन्‍हें शरद पवार ही पार्टी में लाए थे. बाद में उन्‍हें महाराष्‍ट्र एनसीपी का महासचिव नियुक्‍त कर दिया गया. बताया जाता है कि उन्‍होंने शरद पवार के साथ काम करने के लिए प्रशासनिक सेवा से स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Voluntary Retirement) ली थी. एनसीपी के एक धड़े के मुताबिक, अजित पवार ने शुक्रवार रात को गरजे से खुद को विधायक दल का नेता चुने का अधिसूचना पत्र मांगा था. शरद पवार शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी की संयुक्‍त बैठक के बाद उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackaray) को सीएम बनाए जाने की घोषणा कर चुके थे. गरजे को लगा कि अजित अगले दिन राज्‍यपाल (Governor) को समर्थन पत्र सौंपने के लिए अधिसूचना पत्र मांग रहे हैं. इसलिए उन्‍होंने शरद पवार से इस बारे में बात किए बिना ही उन्‍हें पत्र दे दिया.

अजित पवार ने राज्‍यपाल को सौंपी थी एनसीपी बैठक की अटेंडेंस शीट!
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अगली सुबह जब शरद पवार और गरजे सोकर उठे तो देवेंद्र फडणवीस व अजित पवार के शपथ लेने की जानकारी मिलने पर उन्‍हें पूरा माजरा समझ आया. वहीं, सियासी गलियारों में दूसरी कहानी भी चल रही है, जिसके मुताबिक अजित पवार ने एनसीपी विधायक दल के नेता की हैसियत से राज्‍यपाल को समर्थन पत्र नहीं सौंपा. इसके बजाय उन्‍होंने खुद को विधायक दल का नेता चुने जाने वाली बैठक में उपस्थित रहे विधायकों की हस्‍ताक्षर की हुई अटेंडेंस शीट राज्‍यपाल को सौंपी थी. एनसीपी ने शनिवार को अजित पवार को विधायक दल के नेता के पद से हटाते हुए जयंत पाटिल (Jayant Patil) को नियुक्‍त कर दिया. पाटिल ने रविवार को राजभवन जाकर राज्‍यपाल को एक पत्र सौंपा, जिसमें बताया गया था कि अजित पवार को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया गया है.

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First published: November 24, 2019, 2:50 PM IST
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