महाराष्ट्र में कोरोना का तांडव, एक दिन में सबसे ज्यादा 985 ने गंवाई जान, 63,309 नए पॉजिटिव

महाराष्ट्र में बुधवार को इलाज के बाद 61,181 मरीजों को उनके घर भेजा गया. (सांकेतिक चित्र)

महाराष्ट्र में बुधवार को इलाज के बाद 61,181 मरीजों को उनके घर भेजा गया. (सांकेतिक चित्र)

Coronavirus in Maharashtra: आधिकारिक जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र में बुधवार को इलाज के बाद 61,181 मरीजों को उनके घर भेजा गया.

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  • Last Updated: April 28, 2021, 10:09 PM IST
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नई दिल्ली. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस (Coronavirus) तांडव कर रहा है. पिछले 24 घंटों में राज्य में कोरोना संक्रमण के चलते 985 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि 63,309 नए मामले दर्ज किए गए हैं. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक बुधवार को इलाज के बाद 61,181 मरीजों को उनके घर भेजा गया. राज्य में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 44,76,496 हो गई है. अगर मुंबई की बात करें तो मायानगरी में 4,966 नए केस आए हैं, जबकि 78 लोगों की मौत दर्ज की गई है. संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 6,40,507 और 5,60,401 लोग संक्रमण से ठीक हुए हैं.

महाराष्ट्र में तीसरी लहर का 'खतरा'

उधर, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुधवार को यह चेतावनी दी कि महाराष्ट्र में टीकाकरण की धीमी गति से राज्य में संक्रमण की तीसरी लहर आ सकती है. यह चेतावनी तब जारी की गई है, जब महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि वह पर्याप्त संख्या में टीका उपलब्ध नहीं होने के कारण 18 से 44 वर्ष के लोगों का टीकाकरण एक मई से शुरू नहीं करने जा रही है.

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'पर्याप्त टीका उपलब्ध नहीं'

स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे महाराष्ट्र के लिए पर्याप्त संख्या में टीके की उपलब्धता नहीं होने पर पहले ही चिंता जता चुके हैं. महाराष्ट्र महामारी से बुरी तरह प्रभावित राज्य है और वहां वर्तमान लाभार्थियों (45 वर्ष से ऊपर के लोग) के लिए टीके की कमी की खबर है, जिससे वहां टीकाकरण की गति धीमी है. कोविड-19 पर सही तरीके से तभी लगाम कसी जा सकता है, जब टीकाकरण के योग्य दो-तिहाई आबादी को टीका लगाया जाए.

1.50 करोड़ लोगों को टीका



राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में टीका लगाने योग्य नौ करोड़ लोगों में से महज 1.50 करोड़ लोगों को अभी तक टीका लग सका है, जो बहुत कम है.’’ उन्होंने चेतावनी दी, ‘‘अगर हमने टीकाकरण की गति तेज नहीं की तो जब लोग नौकरी या अन्य कामों के लिए बाहर निकलेंगे तो इससे कोविड-19 की तीसरी लहर आ सकती है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘दिसंबर में दी गई छूट से लोग लापरवाह हो गए और इससे फरवरी से कोविड-19 की दूसरी लहर शुरू हो गई. हम अब भी इससे पीड़ित हैं.’’ स्वास्थ्य विभाग ने कहा, ‘‘अगर हमने बड़ी आबादी का टीकाकरण नहीं किया तो हम तीसरी लहर को निमंत्रण दे रहे हैं.’’



कोरोना वायरस की जीनोम सिक्वेंसिंग में शामिल एक वैज्ञानिक ने कहा कि अगर वायरस इसी तरह म्यूटेट करता रहा तो टीकाकरण का उद्देश्य विफल हो जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘टीकाकरण में अगर हम इतना समय बर्बाद करेंगे तो कोविड-19 का नया म्यूटेंट आ जाएगा जिस पर टीके का असर नहीं होगा.’’
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