COVID-19: महाराष्ट्र में पाबंदियों को हटाने की कवायद शुरू, जानें मुंबई की मेयर ने क्या कहा

लेवल 1 में राज्य सरकार ने उन जिलों को रखा है, जहां संक्रमण दर पांच फीसदी से कम है. (फाइल फोटो)

लेवल 1 में राज्य सरकार ने उन जिलों को रखा है, जहां संक्रमण दर पांच फीसदी से कम है. (फाइल फोटो)

Maharashtra Coronavirus Unlock: महाराष्ट्र सरकार ने साप्ताहिक संक्रमण दर और ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता के आधार पर राज्य में कोरोना वायरस संबंधी प्रतिबंधों में ढील देने के लिए पांच-स्तरीय योजना की घोषणा की है.

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मुंबई. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के मकसद से लगी पाबंदियों में ढील देने की कवायद शुरू हो गई है. हालांकि इसका अंतिम फैसला होना अभी बाकी है. मुंबई की मेयर किशोरी पेडणेकर ने शनिवार को कहा कि संक्रमण दर और अस्पतालों में बेड की स्थिति को देखते हुए राज्य के सभी जिलों को पांच स्तरों पर आंका गया है, जिसमें मुंबई को तीसरे स्तर पर रखा गया है और इसीलिए यहां की 'जीवनरेखा' कही जाने वाली लोकल ट्रेनों को अभी सिर्फ जरूरी सेवाओं में काम करने वाले लोगों के लिए ही चलाया जाएगा. उन्होंने बताया कि पाबंदियों को हटाने पर अंतिम निर्णय जिला प्रशासन लेगी.


महाराष्ट्र सरकार ने साप्ताहिक संक्रमण दर और ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता के आधार पर राज्य में कोरोना वायरस संबंधी प्रतिबंधों में ढील देने के लिए पांच-स्तरीय योजना की घोषणा की है. इस आशय की अधिसूचना शुक्रवार देर रात जारी की गई. तीन जून को संक्रमण दर और ऑक्सीजन बिस्तर की उपलब्धता के आधार पर यह आदेश सात जून से लागू होगा. राज्य में लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध इस साल अप्रैल में लागू किए गए थे जब महामारी की दूसरी लहर तेज हो गई थी. अधिसूचना के तहत, प्रत्येक नगरपालिका क्षेत्र और जिले को अलग-अलग प्रशासनिक इकाई माना गया है.


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पहली श्रेणी में, पांच प्रतिशत संक्रमण दर और 25 प्रतिशत से कम ऑक्सीजन बिस्तर भर्ती वाले शहर और जिलों में आवश्यक और गैर-जरूरी दुकानों, मॉल, थिएटर, सभागार, रेस्तरां, निजी कार्यालय, सार्वजनिक स्थान, खेल प्रतिष्ठान निर्धारित समय पर पूरी तरह से खुलेंगे. ऐसे स्थानों पर फिल्म की शूटिंग, सामाजिक और राजनीतिक सभाएं फिर से शुरू हो सकती हैं.


विनिर्माण, कृषि और आर्थिक गतिविधियों की अनुमति होगी. कोई कर्फ्यू या निषेधाज्ञा लागू नहीं होगा और कोई ई-पास की आवश्यकता नहीं होगी जब तक कि यात्रा उन शहरों या जिलों के लिए न हो जो पांचवीं श्रेणी के अंतर्गत आते हैं (जहां संक्रमण दर 20 प्रतिशत से अधिक है और ऑक्सीजन बिस्तर क्षमता 75 प्रतिशत से अधिक है).


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दूसरी श्रेणी में जिन शहरों और जिलों में संक्रमण दर पांच फीसदी और 25 से 40 फीसदी ऑक्सीजन बेड पर मरीज है, वहां जरूरी और गैर जरूरी दुकानों को नियमित समय के मुताबिक खोलने की इजाजत होगी, लेकिन मॉल, थिएटर, मल्टीप्लेक्स, सभागार और रेस्तरां 50 प्रतिशत क्षमता के साथ कार्य करेंगे.




लोकल ट्रेनों में सीमित प्रवेश होगा और इसकी अनुमति केवल चिकित्सा और आवश्यक सेवाओं में काम करने वालों के लिए होगी. सार्वजनिक स्थान और निजी कार्यालय खोले जा सकते हैं. सामाजिक और राजनीतिक सभाओं को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ अनुमति दी जाएगी. इन जिलों में कर्फ्यू के आदेश यथावत रहेंगे. जिम, सैलून आदि 50 फीसदी क्षमता के साथ खुल सकते हैं.


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तीसरी श्रेणी के तहत प्रतिबंधों में ढील उन जगहों पर लागू होगी जहां संक्रमण दर पांच प्रतिशत से 10 प्रतिशत है और ऑक्सीजन बिस्तर पर मरीजों के भर्ती होने की दर 40 प्रतिशत से अधिक है. ऐसे स्थानों पर आवश्यक दुकानें शाम चार बजे तक खुली रह सकती हैं, जबकि गैर-जरूरी दुकानें केवल कार्यदिवसों में शाम चार बजे तक खुली रह सकती हैं. मॉल और मल्टीप्लेक्स बंद रहेंगे और सप्ताह के दिनों में शाम चार बजे तक 50 प्रतिशत क्षमता के साथ रेस्तरां खुल सकते हैं.


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खाने के पार्सल, टेकअवे और होम डिलीवरी की सुविधा जारी रहेगी. मेडिकल और आवश्यक कर्मचारियों के लिए लोकल ट्रेनों में यात्रा की अनुमति रहेगी. कार्यालय 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम कर सकते हैं. फिल्म और टीवी की शूटिंग बायो-बबल में होगी और शाम पांच बजे के बाद बाहर कोई गतिविधि नहीं होगी. इन जगहों पर विवाह समारोह में केवल 50 व्यक्ति शामिल हो सकते हैं, जबकि अंतिम संस्कार में केवल 20 लोग शामिल हो सकते हैं. 50 प्रतिशत क्षमता के साथ सामाजिक और राजनीतिक सभाएं आयोजित की जा सकती हैं.



चौथी श्रेणी उन जगहों के लिए है जहां संक्रमण दर 10 से 20 फीसदी और ऑक्सीजन बेड भर्ती 60 फीसदी से ज्यादा है. वहां आवश्यक दुकानें शाम चार बजे तक खुली रहेंगी. केवल भोजन पार्सल और टेकअवे की अनुमति होगी और लोकल ट्रेनों में केवल चिकित्सा और अन्य आवश्यक सेवाओं के कर्मियों को यात्रा की अनुमति होगी. सार्वजनिक स्थान खुले रहेंगे, लेकिन वे सप्ताहांत पर बंद रहेंगे.


पांचवी श्रेणी में जहां संक्रमण दर 20 फीसदी से ज्यादा और ऑक्सीजन बेड पर 75 फीसदी से ज्यादा मरीज हैं, वहां शाम चार बजे तक सिर्फ जरूरी दुकानें खुली रहेंगी और कार्यालय में 15 फीसदी उपस्थिति रहेगी.


(इनपुट भाषा से भी)

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