डेल्टा प्लस वैरिएंट के कहर से कैसे बचेगा महाराष्ट्र? ये है इमरजेंसी प्लान, गोवा भी अलर्ट पर

डेल्टा प्लस वैरिएंट के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट् में मिले हैं. (फाइल फोटो)

दरअसल कोरोना के नए डेल्टा प्लस वैरिएंट (Delta Plus Variant) के सबसे ज्यादा 21 केस महाराष्ट्र में ही मिले हैं. ये केस राज्य के सात जिलों से मिले हैं. और इसी के साथ एक बार फिर आशंकित तीसरी लहर से बचने के प्रयासों में राज्य सरकार लग गई है.

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    मुंबई. भारत में महाराष्ट्र कोविड-19 (Maharashtra Covid-19) महामारी के आउटब्रेक के बाद से ही सर्वाधिक प्रभावित राज्य रहा है. कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाने और अनलॉकिंग प्रक्रिया शुरू करते ही राज्य पर एक बार फिर मुसीबत आती दिख रही है. दरअसल कोरोना के नए डेल्टा प्लस वैरिएंट (Delta Plus Variant) के सबसे ज्यादा 21 केस महाराष्ट्र में ही मिले हैं. ये केस राज्य के सात जिलों से मिले हैं. और इसी के साथ एक बार फिर आशंकित तीसरी लहर से बचने के प्रयासों में राज्य सरकार लग गई है.

    बीते सप्ताह राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सामने एक प्रजेंटेशन दिया था. इसमें कहा गया था कि डेल्टा प्लस वैरिएंट राज्य में कोरोना की तीसरी लहर का कारण हो सकता है. बुधवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने डेल्टा प्लस को वैरिएंट ऑफ कंसर्न कहा है. उन्होंने पत्रकारों से कहा-इस वैरिएंट की संक्रामकता ज्यादा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी डेल्टा प्लस को मंगलवार को वैरिएंट ऑफ कंसर्न माना है. साथ ही राज्यों को इससे सतर्क रहने को आगाह भी किया है.

    कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और टेस्टिंग के फॉर्मूले पर और सघनता के साथ काम किया जाएगा
    अब कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और टेस्टिंग के फॉर्मूले पर और सघनता के साथ काम किया जाएगा. हालांकि डेल्टा वैरिएंट को लेकर अभी बहुत ज्यादा रिसर्च डेटा मौजूद नहीं है. इसके लक्षणों पर रिसर्च जारी है. अब राज्य प्रशासन इस वैरिएंट के मामलों पर अलग से निगाह रखेगा.

    ट्रैवल हिस्ट्री और वैक्सीनेशन बैकग्राउंड पर नजर रखेंगे
    राजेश टोपे ने कहा-हम उनकी ट्रैवल हिस्ट्री और वैक्सीनेशन बैकग्राउंड पर नजर रख रहे हैं. हाई और लो रिस्क कॉन्टैक्ट की अग्रेसिव ट्रेसिंग और टेस्टिंग की जाएगी. उन्होंने कहा कि सौभाग्य से अब तक डेल्टा प्लस वैरिएंट का एक भी केस प्राणघातक नहीं साबित हुआ है. ज्यादातर मरीज रिकवर होकर घर वापस जा चुके हैं.

    उन जगहों पर वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़े जहां पर डेल्टा प्लस वैरिएंट के केस मिले हैं
    वहीं केंद्र की तरफ से राज्यों को भेजी गई तीन प्वाइंट की एडवायजरी में ये निर्देश दिए गए हैं कि कंटेनमेंट नियमों का सख्ती से पालन हो, ट्रैकिंग-ट्रेसिंग बढ़े, वैक्सीनेशन की रफ्तार भी बढ़ाई जाए. विशेष तौर पर उन जगहों पर वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़े जहां पर डेल्टा प्लस वैरिएंट के केस मिले हैं.

    गोवा में भी तैयारी
    उधर गोवा ने भी डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं. दरअसल गोवा से लगने वाले महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में डेल्टा प्लस वैरिएंट के केस मिलने के बाद यह फैसला किया गया है. मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि राज्य की सीमा में दाखिल होने पर किसी व्यक्ति के संक्रमित होने के संदेह होता है तो उसे आइसोलेट किया जाएगा और टेस्टिंग की जाएगी.

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