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दिल्‍ली में महज आधे किमी के फासले पर दो कॉलोनियों में पानी की उपलब्‍धता में है भारी असमानता

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Updated: January 15, 2020, 3:53 PM IST
दिल्‍ली में महज आधे किमी के फासले पर दो कॉलोनियों में पानी की उपलब्‍धता में है भारी असमानता
दिल्‍ली की 65 फीसदी कॉलोनियों में कुछ ही घंटे जलापूर्ति होती है.

दिल्‍ली (Delhi) के 5 फीसदी हिस्‍से को शेष 95 प्रतिशत राष्‍ट्रीय राजधानी (National Capital) से ज्‍यादा पानी मिलता है. ये 5 फीसदी हिस्‍सा सेंट्रल और उत्‍तर-पश्चिम इलाकों में आते हैं. कुछ इलाकों में पानी की आपूर्ति (Water Supply) 30 मिनट तो कुछ में 1 घंटे से ज्‍यादा होती है तो कहीं पूरे दिन पानी आता रहता है.

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  • Last Updated: January 15, 2020, 3:53 PM IST
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रौनक कुमार गुंजन

नई दिल्‍ली. राष्‍ट्रीय राजधानी के बदरपुर में दिल्‍ली विकास प्राधिकरण (DDA) के एलआईजी और जनता फ्लैट्स के बीच का फासला महज 500 मीटर का है. एक कॉलोनी के लोगों को दिन भर की जरूरतों के लिए पानी भरने को पौ फटते ही उठना पड़ता है. इस कॉलोनी के लोगों को पानी भरने के लिए महज 30 मिनट मिलते हैं. दिल्‍ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) एलआईजी फ्लैट्स के लिए सुबह 5.15 बजे जलापूर्ति (Water Supply) शुरू करता है और 5.45 बजे बंद कर देता है. वहीं, दूसरी कॉलोनी में जलापूर्ति 5.50 बजे शुरू होकर 1 घंटा 25 मिनट तक जारी रहती है. ये दोनों उदाहरण बाकी शहर की तस्‍वीर खींचने के लिए सैंपल की तरह इस्‍तेमाल किए जा सकते हैं.

राजधानी की अलग-अलग कॉलोनियों में जलापूर्ति के घंटों में बड़ा फर्क
इन दोनों कॉलोनियों से महज चार किमी दूरी पर मौजूद विश्‍वकर्मा कॉलोनी के लोगों को पानी के आने-जाने या इकट्ठा करने की समस्‍या का सामना नहीं करना पड़ता है. इस कॉलोनी में पूरे दिन पानी आता रहता है. दिल्‍ली जल बोर्ड शहर की जिन 1,317 कॉलोनियों में वाटर सप्‍लाई करता है, उनमें 7 में पाइप्‍स (Pipes) और ट्यूब-वेल (Tube-Well) के जरिये पानी पहुंचाया जाता है. इन कॉलोनियों के लोगों को जरूरत का पानी इकट्ठा करने के लिए 24 घंटे में महज 30 मिनट ही मिलते हैं. वहीं, 10 कॉलोनी के लोगों को इस काम के लिए 40 मिनट मिलते हैं. इसके अलावा करीब 65 फीसदी कॉलोनियों में कुछ ही घंटे के लिए जलापूर्ति होती है.

चुनाव में बड़ा मुद्दा बन सकती है पानी और बिजली की उपलब्‍धता
दिल्‍ली के 5 फीसदी इलाकों में शेष 95 फीसदी राष्‍ट्रीय राजधानी (National Capital) से ज्‍यादा पानी मिलता है. ये इलाके सेंट्रल और नॉर्थ-वेस्‍टर्न दिल्‍ली में सिमटे हुए हैं. दिल्‍ली जल बोर्ड ने राजधानी के अलग-अलग इलाकों में जलापूर्ति में असमानता को लेकर ईमेल के जरिये पूछे गए किसी सवाल का अब तक जवाब नहीं दिया है. दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2020 (Delhi Assembly Election 2020) के लिए मतदान का समय नजदीक आने के साथ पानी और बिजली की उपलब्‍धता बड़ा मुद्दा बन सकती है. सूत्रों के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल के नेतृत्‍व वाली आम आदमी पार्टी अपने चुनाव घोषणापत्र (Manifesto) में राजधानी में 24 घंटे सातों दिन जलापूर्ति की घोषणा करने वाली है.

केजरीवाल ने दिसंबर में किया था चौबीसों घंटे जलापूर्ति का वादा सीएम केजरीवाल ने दिसंबर में दक्षिण दिल्‍ली के किशनगढ़ में भूमिगत जलाशय (Underground Reservoir) के उद्घाटन के मौके पर चौबीसों घंटे जलापूर्ति का वादा किया था. News18 ने दिल्‍ली में 25 कॉलोनियों का दौरा किया. मौजूदा हालात को देखते हुए लगता है कि केजरीवाल को अपना ये वादा पूरा करने में बड़ी चुनौतियां पेशय आएंगी. फाइलों में जलापूर्ति के घंटों और वास्‍तविकता में बहुत बड़ा अंतर है. जल वितरण में असमानता का लोगों के जीवन पर भी काफी असर पड़ता है. पानी की आपूर्ति नहीं होने पर कई बार बच्‍चे स्‍कूल नहीं जा पाते. वहीं, नौकरीपेशा लोगों को दफ्तर पहुंचने में देरी हो जाती है. वहीं, लोगों का यह भी कहना है कि 30 मिनट की सप्‍लाई में इस्‍तेमाल के लायक पानी 15 से 20 मिनट ही आता है.

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First published: January 15, 2020, 3:53 PM IST
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