मेजर लीतुल गोगोई ने तोड़ी चुप्पी, कहा-जीप पर बंधा युवक था पत्‍थरबाजों का सरगना

मेजर लीतुल गोगोई (फोटोः न्यूज़ 18)

मेजर लीतुल गोगोई (फोटोः न्यूज़ 18)

मेजर गोगोई को इस मामले में एक दिन पहले ही चीफ ऑफ आर्मी स्‍टाफ कमेंडेशन कार्ड से नवाजा गया है.

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  • Last Updated: May 23, 2017, 11:04 PM IST
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जीप पर कश्‍मीरी युवक को बांधकर घुमाने वाले सेना के मेजर लीतुल गोगोई ने अपने इस कदम पर चुप्‍पी तोड़ते हुए इसे सही बताया. उन्‍होंने कहा कि जिस युवक को जीप के बोनट पर बांधा गया वह पथराव कर रही भीड़ का सरगना था. मेजर गोगोई को इस मामले में एक दिन पहले ही चीफ ऑफ आर्मी स्‍टाफ कमेंडेशन कार्ड से नवाजा गया है.



मतदान के दिन के घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए गोगोई ने कहा, "मुझे इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के एक कर्मी का कॉल आया कि बांदीपोरा में एक मतदान केंद्र के बाहर 400-500 लोगों की भीड़ जमा है और पथराव कर मतदानकर्मियों को जख्मी कर रहे हैं. मैं वहां 30 मिनट के अंदर पहुंच गया, जिसके बाद मैंने और मेरे जवानों ने हालात को नियंत्रण में लाया. लेकिन सुबह 10.30 बजे के आसपास एक बार फिर मुझे डिस्ट्रेस कॉल आया, जिसमें कहा गया कि उतलिगाम में करीब 1,200 लोग पथराव कर रहे हैं और पेट्रोल बम भी फेंक रहे हैं."



राष्ट्रीय राइफल्स के अधिकारी ने कहा, "वक्त जाया किए बिना हम उतलिगाम के लिए निकल पड़े, जो वहां से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर था. " उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर पहुंचने के बाद वह अपने वाहन से निकलने में सक्षम नहीं थे. गोगोई ने कहा कि उन्होंने भीड़ से पथराव न करने की बार-बार अपील की, लेकिन वे नहीं माने.





उन्होंने कहा, "उसके बाद मैंने उस व्यक्ति (फारूक डार) को देखा, जो मेरे वाहन से मात्र 30 मीटर की दूरी पर खड़ा था. मैंने अपने क्यूआरटी (क्विक रिएक्शन टीम) के जवानों को उसे पकड़ने के लिए कहा. जब जवान उसकी ओर बढ़े, तो वह भीड़ की तरफ भागने लगा और घटना स्थल से भागने के एक मोटरसाइकिल का सहारा लिया."
उन्होंने कहा कि जवान डार को पकड़ने में कामयाब रहे और उसे मतदान केंद्र के अंदर ले गए. अधिकारी ने कहा, "लेकिन एक मस्जिद से घोषणा होने के तुरंत बाद और अधिक संख्या में लोग मतदान केंद्र के बाहर जमा हो गए. उन्होंने हम पर पेट्रोल बम फेंकना शुरू कर दिया."



उन्होंने कहा, "जब हमने खुद को वहां से निकल पाने में अक्षम पाया, तो मैंने मेगा-माइक से डार को जीप के बोनट से बांधने की घोषणा की. इसके बाद पथराव बंद हो गया और हमें वहां से बाहर निकलने का समय मिल गया और अपने वाहन में जा बैठे."



बता दें कि युवक को सेना की जीप से बांधकर घुमाने का वीडियो सामने आने के बाद काफी हंगामा हुआ था. जम्‍मू कश्‍मीर के पूर्व सीएम उमर अब्‍दुल्‍ला ने वीडियो को ट्वीट करते हुए कार्रवाई की मांग की थी. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था. वहीं सेना ने भी कोर्ट ऑफ इंक्‍वायरी का आदेश दिया था.



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