कोरोना पर संसद समितियों की डिजिटल बैठक कराने की मांग, विपक्षी नेताओं ने कहा- संसद मूक दर्शक नहीं बन सकती 

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ’ब्रायन ने भी इसी मुद्दे पर नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है.

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ’ब्रायन ने भी इसी मुद्दे पर नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है.

राज्यसभा के सभापति वैंकेया नायडू को एक पत्र में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उनसे हस्तक्षेप करने की मांग की है और कहा है कि संसदीय समितियां इस महामारी से निपटने और लोगों को राहत प्रदान करने के मौजूदा कदमों में योगदान दे सकती है.

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नई दिल्ली. विपक्षी कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा और लोकसभा के पीठासीन अधिकारियों को संसद की स्थायी समितियों की बैठक डिजिटल माध्यम से कराने की अनुमति देने का आग्रह करते हुए कहा है कि लोगों की बदहाली पर संसद मूकदर्शक बने हुए नहीं रह सकती और एकजुटता का संदेश देना चाहिए.

राज्यसभा के सभापति वैंकेया नायडू को एक पत्र में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उनसे हस्तक्षेप करने की मांग की है और कहा है कि संसदीय समितियां इस महामारी से निपटने और लोगों को राहत प्रदान करने के मौजूदा कदमों में योगदान दे सकती है.

संकट की घड़ी में मूक दर्शक बनी नहीं रह सकती है संसद

खड़गे ने कहा, 'संकट की इस घड़ी में भारत की संसद मूकदर्शक बने हुए नहीं रह सकती और ना ही उसे ऐसा करना चाहिए. लोगों के साथ एकजुटता का संदेश देना होगा ताकि उनकी पीड़ा कम हो और एकता दिखे.' कांग्रेस नेता खड़गे ने कहा कि स्थायी समितियों से संबंधित विभाग संसद का प्रभावी, निष्पक्ष तंत्र है और समितियों में सामूहिक मंथन की परंपरा संसदीय व्यवस्था की शानदार उपलब्धियां हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘इस समय स्थायी समितियों की बैठकें देश भर में पार्टी की तर्ज पर सामूहिक रूप से अपेक्षित पहल प्रदान करेंगी. जवाबदेही सुनिश्चित करने, सभी हितधारकों को संस्थानिक मंच प्रदान करने और एकजुट होकर सामूहिक समाधान तलाशने में ये प्रभावी उपाय हैं.’’

क्या कुछ लिखा है खड़गे ने अपने पत्र में...

खड़गे ने अपने पत्र में कहा है, 'इस भावना से मैं आपसे स्थायी समितियों की डिजिटल बैठकों को अनुमति देने का अनुरोध करता हूं.' खड़गे ने सभापति के ध्यान में लाया कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर स्थायी समिति संबंधी विभाग की 123 वीं रिपोर्ट में कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए महत्वपूर्ण सिफारिशें की गयी है.



खड़गे ने समितियों की बैठकें डिजिटल माध्यम से कराने के लिए नायडू के हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा, ‘‘मैं आपसे फिर से आग्रह करता हूं कि रिपोर्ट का संज्ञान लें और इस पर कार्रवाई रिपोर्ट मंगाने का आग्रह है. इस तरह की कार्रवाई रिपोर्ट से देश में कोविड की समस्या से निपटने का आगे खाका मिल सकता है.’’

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टीएमसी प्रवक्ता ने ओम बिरला को लिखा खत

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ’ब्रायन ने भी इसी मुद्दे पर नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है. डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा, ‘‘भारत में पिछले दो हफ्तों में हर दिन कोविड-19 के तीन लाख से अधिक मामले आए हैं. मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर मैं आपसे संसदीय समितियों की बैठकें डिजिटल तरीके से कराने के हमारे अनुरोध पर विचार करने का आग्रह करता हूं. इनमें विभाग से संबंधित स्थायी समितियों, परामर्शक समितियों और प्रवर समितियों की बैठकें शामिल हैं.’’


तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी का यह तीसरा पत्र है. पहला पत्र जुलाई 2020 में और दूसरा पत्र अगस्त 2020 में लिखा गया था. विपक्षी दलों ने कोविड-19 महामारी फैलने के बाद पिछले साल जुलाई में भी इसी तरह की मांग की थी.

(Disclaimer: यह खबर सीधे सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है. इसे News18Hindi टीम ने संपादित नहीं किया है.)

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