चीन से तनाव के बीच शुरू हुआ मालाबार नौसेना अभ्यास, भारत संग अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ले रहे हिस्सा

चार देशों के इस नौसेना अभ्यास का दूसरा चरण 17 से 20 नवंबर के बीच अरब सागर में होगा. (Photo-ANI)
चार देशों के इस नौसेना अभ्यास का दूसरा चरण 17 से 20 नवंबर के बीच अरब सागर में होगा. (Photo-ANI)

Malabar Naval Exercise: तीन से छह नवंबर तक चलने वाले इस अभ्यास में अमेरिका (America), जापान (Japan) और आस्ट्रेलिया (Australia) की नौसेनाएं हिस्सा ले रही हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 9:37 PM IST
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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख (Northern Ladakh) में चीन (China) से लगी सीमा पर गतिरोध बने रहने के बीच विशाखापत्तनम तट (Vishakhapattanam) के पास बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) में मंगलवार से 24वां मालाबार नौसेना अभ्यास (24th Malabar Naval Exercise) का पहला चरण शुरू हो गया है. तीन से छह नवंबर तक चलने वाले इस अभ्यास में अमेरिका (America), जापान (Japan) और आस्ट्रेलिया (Australia) की नौसेनाएं हिस्सा ले रही हैं. भारतीय नौसेना ने यह जानकारी दी. इस महत्वपूर्ण अभ्यास में भारतीय नौसेना, अमेरिकी नौसेना, जापान मैरिटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स और रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी हिस्सा ले रहे हैं. चार देशों के इस नौसेना अभ्यास का दूसरा चरण 17 से 20 नवंबर के बीच अरब सागर में होगा.

कुछ दिन पहले ही भारत ने यह घोषणा की थी कि आस्ट्रेलिया इस नौसेना अभ्यास का हिस्सा होगा, जिसके साथ ही अब यह प्रभावी तरीके से ‘क्वॉड’ या ‘चतुष्कोणीय गठबंधन’ के सभी चार सदस्य देशों का अभ्यास हो गया है. इस अभ्यास पर चीन ने उम्मीद जतायी है कि भारत, अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया का चतुष्पक्षीय मालाबार अभ्यास क्षेत्रीय शांति एवं स्थायित्व के विरूद्ध नहीं बल्कि उसके अनुकूल होगा. हालांकि इससे पहले चीन इसे लेकर काफी सशंकित नजर आ रहा था.


भारत ने क्वाड देशों की बैठक के बाद दिया था ऑस्ट्रेलिया को न्योता
‘क्वॉड’ सदस्य राष्ट्रों के विदेश मंत्रियों की तोक्यो में बैठक के दो हफ्ते बाद भारत ने आस्ट्रेलियाई नौसेना को अभ्यास में हिस्सा लेने का न्योता दिया था. जापान में हुई इस बैठक में चारों देशों के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत बातचीत की गई थी. इस क्षेत्र में चीन अपना सैन्य प्रभाव बढ़ा रहा है.



अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण के अभ्यास में जटिल एवं अत्याधुनिक नौसेना अभ्यास होने वाले हैं, जिनमें पनडुब्बी रोधी एवं हवाई युद्ध रोधी अभियान हैं. इसके अलावा एक जंगी जहाज से उड़ान भर कर दूसरे युद्ध पोत पर भी लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर उतरेंगे. हथियारों से फायरिंग का भी अभ्यास किया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि यह अभ्यास कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के मद्देनजर (नौसैनिकों के बीच) गैर संपर्क वाला और सिर्फ समुद्र में ही होगा.

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1992 में भारत और अमेरिका ने शुरू किया था अभ्यास
मालाबार अभ्यास 1992 में भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के बीच हिंद महासागर में एक द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में शुरू हुआ था. बाद में, 2015 में जापान इसका स्थायी सदस्य बन गया. यह वार्षिक नौसेना अभ्यास 2019 में जापान के तट पर हुआ था.

इस साल के अभ्यास में भारतीय नौसेना अपने विध्वंसक पोत रणविजय, युद्ध पोत शिवालिक, समुद्र तटीय गश्ती नौका सुकन्या, जहाजों के बेड़े को सहायता पहुंचाने वाले पोत शक्ति और पनडुब्बी सिंधुराज को शामिल करेगी. अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा अत्याधुनिक जेट प्रशिक्षक हॉक, लंबी दूरी का समुद्री गश्त विमान पी 8 आई, डोर्नियर समुद्री गश्त विमान और कई सारे हेलीकॉप्टर भी अभ्यास में हिस्सा लेंगे.

हाल ही में हुई ‘टू-प्लस-टू’ वार्ता के दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने मालाबार अभ्यास में शामिल होने के लिये भारत द्वारा आस्ट्रेलिया को न्योता दिये जाने का स्वागत किया था.



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भारत और चीन के बीच जारी है गतिरोध
चीन की बढ़ती आक्रमकता को रोकने के लिये अमेरिका एक सुरक्षा ढांचे के रूप में ‘क्वॉड’ का समर्थन कर रहा है.

पूर्वी लद्दाख में पांच महीनों से भारत और चीन के बीच सीमा पर गतिरोध बना हुआ है, जिससे दोनों देशों के बीच के संबंधों में तनाव बढ़ा है. दोनों देशों ने विवाद का हल करने के लिये सिलसिलेवार कूटनीतिक और सैन्य वार्ता की है. हालांकि, गतिरोध को खत्म करने के लिये अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है.

पिछले कुछ वर्षों में आस्ट्रेलिया ने इस अभ्यास में भाग लेने की गहरी रूचि दिखाई है. भारत और आस्ट्रेलिया के बीच रक्षा एवं सुरक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों में बढ़े हैं.
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