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केरल: सरकारी नौकरी वाले पुरुषों को देना होगा 'दहेज नहीं' लेने वाला घोषणा पत्र

केरल में शादी के एक महीने के अंदर सरकारी कर्मचारी को घोषणा पत्र देना होगा कि उसने दहेज नहीं लिया है. (सांकेतिक तस्वीर)

केरल में शादी के एक महीने के अंदर सरकारी कर्मचारी को घोषणा पत्र देना होगा कि उसने दहेज नहीं लिया है. (सांकेतिक तस्वीर)

सकुर्लर के मुताबिक सरकारी नौकरी (Government Job) करने वाले पुरुषों को निर्देश दिया गया है कि वे शादी के एक महीने के अंदर अपने संबंधित विभाग के प्रमुखों को घोषणा पत्र दें कि उन्‍होंने शादी में किसी भी तरह का कोई दहेज (Dowry) नहीं लिया है.

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    तिरुवनंतपुरम. केरल सरकार (Government of Kerala) ने दहेज प्रथा के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है. केरल सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर राज्‍य में दहेज निषेध अधिनियम, 1961 (Dowry Prohibition Act, 1961) का सख्ती से पालन कराने का निर्देश जारी किया है. इस सकुर्लर के मुताबिक सरकारी नौकरी (Government Job) करने वाले पुरुषों को निर्देश दिया गया है कि वे शादी के एक महीने के अंदर अपने संबंधित विभाग के प्रमुखों को घोषणा पत्र दें कि उन्‍होंने शादी में किसी भी तरह का कोई दहेज (Dowry) नहीं लिया है. इस घोषणा पत्र पर कर्मचारी की पत्नी, पिता और ससुर के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं.

    राज्‍य सरकार की ओर से सर्कुलर जारी कर कहा गया है इसके जरिए वो कर्मचारियों के बीच दहेज प्रथा के दुष्प्रभावों और दहेज निषेध अधिनियम के बारे में जागरूकता फैलाना चाहती है. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही राज्‍य सरकार ने सभी जिलों में दहेज निषेध अधिकारी नियुक्त करने के लिए दहेज निषेध नियमों में संशोधन किया था. इसके साथ ही राज्‍य सरकार ने 26 नवंबर को दहेज निषेध दिवस के रूप में मनाने की तैयारी की है.

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    महिला एवं बाल विकास विभाग (डब्ल्यूसीडी) की निदेशक अनुपमा टीवी ने बताया कि सभी सरकारी विभागों के प्रमुखों से उन कर्मचारियों से घोषणा लेने को कहा गया है, जिन्‍होंने अभी तक इस बात की जानकारी नहीं दी है कि उन्‍होंने विवाह के दौरान दहेज लिया था या नहीं. बता दें कि दहेज देना और लेना दोनों ही दंडनीय अपराध है. डब्‍ल्‍यूसीडी आदेश में कहा गया है कि विभागीय प्रमुखों को हर छह महीने में घोषणा रिपोर्ट जमा करनी होगी. पहली रिपोर्ट अप्रैल में और दूसरी अक्टूबर में देनी होगी. यह घोषणा संबंधित जिला दहेज निषेध अधिकारियों को दी जाएगी.

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    केरल के राज्‍यपाल ने राज्‍य सरकार की सराहना की
    केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मंगलवार को कहा था कि दहेज लेने से इनकार करने की मानसिकता उत्पन्न करना समय की जरूरत है. वह दहेज प्रथा के खिलाफ विश्वविद्यालय स्तर पर अभियान चलाने पर चर्चा करने के लिए राजभवन में हुई कुलपतियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे. राज्यपाल ने सभी जिलों में एवं राज्य स्तर पर दहेज निषेध अधिकारी तैनात करने और कर्मचारियों से दहेज न लेने के संकल्प पर हस्ताक्षर कराने के वाम सरकार के कदम की सराहना भी की. उन्होंने कहा, हमें इस स्तर तक सामाजिक स्तर पर जागरूकता उत्पन्न करने की आवश्यकता है कि दहेज के खिलाफ सामाजिक प्रतिबंध की व्यवस्था हो सके.

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