चीन की 'कमजोरी' पर भारतीय नौसेना की नजर, समुद्री इलाकों में भी बढ़ाई सख्ती

चीन की 'कमजोरी' पर भारतीय नौसेना की नजर, समुद्री इलाकों में भी बढ़ाई सख्ती
भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने चीन को स्पष्ट संदेश दे दिया है.

पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद हिंद महासागर क्षेत्र में युद्धपोतों और पनडुब्बियों की तैनाती के जरिए भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने चीन को स्पष्ट संदेश दे दिया है.

  • Share this:
नई दिल्ली. चीन से विवाद के मद्देनजर (India China Face Off) भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में निगरानी और गतिविधियों को और बढ़ा दिया है. माना जा रहा है कि दक्षिण चीन सागर की तर्ज पर चीन वैश्विक शक्ति बनने की अपनी कोशिश में इस इलाके की समुद्री सीमा के बड़े हिस्से पर अपना दावा ठोक सकता है. घटनाक्रम से जुड़े एक अधिकारी ने जानकारी दी कि ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारत ने मालदीव, मॉरीशस, सेशल्स और मेडागास्कर से संपर्क किया है, ताकि चीन के किसी भी नापाक मंसूबे को उसके अंजाम तक पहुंचने से रोका जा सके.

अंग्रेजी अखबार 'हिन्दुस्तान टाइम्स' के अनुसार एक अधिकारी ने नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि यह जगजाहिर है कि चीन वैश्विक शक्ति बनना चाहता है. उसकी नौसेना भारतीय समुद्री क्षेत्र में आ सकती है. मलक्का डिलेमा (चीन की रणनीतिक कमजोरी) से बाहर आने के लिए चीन हिन्द महासागर में कई रास्ते खोल रहा है. यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पूर्वी लद्दाख में गतिरोध को कम करने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है.

क्या है चीन की कमजोरी?
गौरतलब है कि चीन का ज्यादातर सामान मलक्का की खाड़ी से आता है और ये उसकी कमजोर कड़ी है. इसीलिए इसे मलक्का डिलेमा कहा जाता है. एक दावे के अनुसार चीन की तेल जरूरतों का 80 फीसदी इसी रास्ते से होकर गुजरता है. भारतीय नौसेना के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि चीन ने हिंद महासागर में आने के लिए मलक्का के दक्षिण में मुंडा, लोम्बोक, ओम्बाई और वेटार जलडमरूमध्य को शामिल करने के लिए कई रास्ते खोजे हैं.
पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश (रिटायर्ड) ने कहा - 'यह वास्तविकता है कि एक बार एक निश्चित सीमा पार करने पर चीनी नौसेना हिंद महासागर में तैनात होगी. फिलहाल हम ऐसा दक्षिण चीन सागर में होता देख पा रहे हैं.'



सीमा विवाद को लेकर तीनों सेनाएं साथ मिलकर काम कर रही
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार सूत्रों ने बताया कि सीमा विवाद को लेकर सैन्य जवाब पर तीनों सेनाएं साथ मिलकर काम कर रही हैं. नौसेना ने हिंद महासागर क्षेत्र में युद्धपोतों और पनडुब्बियों की तैनाती बढ़ाते हुए चीन पर दबाव बढ़ा दिया है क्योंकि मलक्का जलसंधि के आसपास का क्षेत्र समुद्री मार्ग से उसकी आपूर्ति कड़ी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है .

विस्तार से बताए बिना एक सूत्र ने कहा, 'हां चीन हमारे संदेश को समझ रहा है.' क्या चीन ने भारत की तैनाती पर जवाब दिया है, इस पर सूत्रों ने कहा कि हिंद महासागर में चीनी पोतों की गतिविधियों में बढोतरी नहीं देखी गयी है. उन्होंने कहा कि इसका कारण हो सकता है कि पीएलए की नौसेना ने अमेरिका के सख्त विरोध के बाद दक्षिण चीन सागर में अत्यधिक संसाधनों को लगा रखा है.

नौवहन की आजादी को प्रदर्शित करने के लिए अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में कई पोत भेजे हैं और क्षेत्र में चीन के साथ क्षेत्रीय विवाद वाले देशों का भी वह समर्थन जुटा रहा है. तेजी से बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य के मद्देनजर भारतीय नौसेना भी अमेरिकी नौसेना, जापान के समुद्री सुरक्षा बल के साथ अपने संचालन सहयोग को आगे बढ़ा रही है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading