राज्यसभा चुनाव से पहले मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके बेटे को मिली धमकी

राज्यसभा चुनाव से पहले मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके बेटे को मिली धमकी
मल्लिकार्जुन खड़गे की फाइल फोटो - PTI

राज्यसभा (Rajyasabha) उम्मीदवार और वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) और उनके बेटे प्रियांक को रविवार को धमकी दी गई.

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बेंगलुरू. कर्नाटक  (Karnataka) से कांग्रेस (Congress) के राज्यसभा (Rajyasabha) उम्मीदवार और वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) और उनके बेटे को रविवार को धमकी दी गई. खड़गे के बेटे ने इस सिलसिले में राज्य के पुलिस प्रमुख से शिकायत की है. पूर्व केंद्रीय मंत्री खड़गे के लैंडलाइन पर रविवार देर रात धमकी भरा फोन आया जबकि इसके बाद उनके बेटे प्रियांक के मोबाइल नंबर पर धमकी भरा फोन किया गया.

प्रियांक ने पुलिस महानिदेशक प्रवीण सूद से शिकायत की है. विधान परिषद के पूर्व सदस्य रमेश बाबू ने मंगलवार को ट्विटर पर शिकायत की प्रति साझा की. प्रियांक ने शिकायत में बताया कि रविवार रात करीब डेढ़ बजे उनके पिता के लैंडलाइन पर फोन आया जिसमें फोन करने वाले हिंदी और अंग्रेजी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के खिलाफ अपशब्द कहे और धमकी दी. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

खड़गे ने राज्यसभा चुनाव के लिए कर्नाटक से नामांकन पत्र दाखिल किया
बता दें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने 19 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार के रूप में सोमवार को कर्नाटक से नामांकन पत्र दाखिल किया. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार, नेता विपक्ष सिद्धरमैया और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में विधानसभा सचिव एम के विशालक्षी के कार्यालय में नामांकन पत्र दाखिल किया, जो राज्यसभा चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी हैं.
नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले सिद्धरमैया के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई, जिसके बाद शिवकुमार ने खड़गे को ‘बी फॉर्म’ जारी किया. कांग्रेस आलाकमान ने राज्यसभा चुनाव के लिए पांच जून को खड़गे को पार्टी का उम्मीदवार बनाने की घोषणा की थी.



 रेल और श्रम मंत्री भी रह चुके मल्लिकार्जुन खड़गे
अजेय नेता के रूप में जाने जाते रहे खड़गे को अपने राजनीतिक करियर में पहली बार 2019 के लोकसभा चुनाव में गुलबर्गा से भाजपा के उमेश जाधव से 95,452 मतों से हार का सामना करना पड़ा. नौ बार विधायक और दो बार लोकसभा सदस्य रहे 77 वर्षीय खड़गे पूर्ववर्ती लोकसभा में कांग्रेस के सदन के नेता थे. संप्रग सरकार के दौरान वह रेल और श्रम मंत्री भी रह चुके हैं. वह कर्नाटक में कांग्रेस सरकारों के दौरान भी मंत्री रह चुके हैं. विगत में वह कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और कर्नाटक विधानसभा में नेता विपक्ष भी रहे हैं.

खड़गे को राष्ट्रीय स्तर का नेता करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शिवकुमार ने कहा, ‘‘उन्हें उम्मीदवार बनाने के लिए हमारे ऊपर हमारी पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं सहित देश के विभिन्न विपक्षी दलों का दबाव था.’ उन्होंने कहा, ‘सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने किसी दूसरे विचार के बिना उनके नाम को मंजूरी दे दी और इससे हमारे सभी कार्यकर्ता संतुष्ट हुए हैं.’ शिवकुमार ने कहा, ‘उनका (खड़गे) अनुभव बेमिसाल है...और हमें उम्मीद है कि वह लगातार लोगों की आवाज उठाते रहेंगे.’ (भाषा इनपुट के साथ)
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