Choose Municipal Ward
    CLICK HERE FOR DETAILED RESULTS

    कांग्रेस में थमी नहीं कलह, खड़गे बोले-हाईकमान की आलोचना करने वाले पार्टी कर रहे कमजोर

    टॉप लीडरशिप की आलोचना करने के लिए खड़गे ने पार्टी नेताओं को निशाने पर लिया है.
    टॉप लीडरशिप की आलोचना करने के लिए खड़गे ने पार्टी नेताओं को निशाने पर लिया है.

    चुनाव में हार के लिए पार्टी हाईकमान को निशाना बनाने वाले नेताओं की आलोचना करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने गुरुवार को एकजुट होने की अपील की. उन्होंने अन्य पार्टी नेताओं से हाईकमान को सपोर्ट करने की मांग की है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 20, 2020, 9:05 AM IST
    • Share this:
    नई दिल्ली. मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने पार्टी के कुछ नेताओं पर कांग्रेस को भीतर से कमजोर (weakening) करने का आरोप लगाया है. चुनाव में हार के लिए पार्टी हाईकमान को निशाना बनाने वाले नेताओं की आलोचना करते हुए खड़गे ने गुरुवार को एकजुट होने की अपील की. उन्होंने अन्य पार्टी नेताओं से हाईकमान को सपोर्ट करने की मांग की है. उन्होंने कहा है-हमने एक होकर चुनाव लड़ा. ये दुखद है कि कुछ वरिष्ठ नेता टॉप लीडरशिप के खिलाफ बोल रहे हैं. यह बातें खड़गे ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर रखे गए एक कार्यक्रम के दौरान कहीं.

    उन्होंने कहा कि अगर हम अपनी पार्टी और नेताओं को इस तरह कमजोर करेंगे तो हम आगे नहीं जा पाएंगे. और अगर हमारी विचारधारा कमजोर होगी तो हम नष्ट हो जाएंगे. यह बात हमें ध्यान में रखनी होगी. खड़गे का यह स्टेटमेंट बिहार चुनाव में हार के बाद कुछ पार्टी नेताओं के बयान को लेकर आया है.

    कपिल सिब्बल ने दिया था बयान
    वरिष्ठ पार्टी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने एक अंग्रेजी दैनिक को दिए साक्षात्कार में कहा था कि ऐसा लगता है कि पार्टी नेतृत्व ने शायद हर चुनाव में पराजय को ही अपनी नियति मान लिया है. उन्होंने कहा कि बिहार ही नहीं, उपचुनावों के नतीजों से भी ऐसा लग रहा है कि देश के लोग कांग्रेस पार्टी को प्रभावी विकल्प नहीं मान रहे हैं.




    अशोक गहलोत ने साधा सिब्बल पर निशाना
    सिब्बल के इस बयान के बाद कई कांग्रेसी नेताओं ने उनकी आलोचना की है. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी के आंतरिक मुद्दे का जिक्र मीडिया में करने के लिए सिब्बल की आलोचना की. उन्होंने कहा है कि सिब्बल को इस तरह से पार्टी के आंतरिक मुद्दे का जिक्र मीडिया में करने की कोई जरूरत नहीं थी और इससे पार्टी के कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत होती हैं. गहलोत ने बीते मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर कई ट्वीट किए.
    अगली ख़बर

    फोटो

    टॉप स्टोरीज