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JEE मुख्य परीक्षा में बंगाली भाषा के मुद्दे पर सरकार को घेरने चलीं ममता बनर्जी का उल्टा पड़ा दांव

News18Hindi
Updated: November 8, 2019, 12:10 AM IST
JEE मुख्य परीक्षा में बंगाली भाषा के मुद्दे पर सरकार को घेरने चलीं ममता बनर्जी का उल्टा पड़ा दांव
ममता बनर्जी ने JEE Main एग्जाम को बंगाली सहित दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं में न कराने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा. कहा, कि सरकार भेदभाव के कारण गुजराती को छोड़कर किसी और भाषा में ये एग्जाम नहीं करा रही है. लेकिन सरकार को घेरने का उनका दांव उल्‍टा पड़ गया. बीजेपी ने इसके लिए उन पर पलटवार करते हुए जवाब दिया है.

ममता बनर्जी ने JEE Main एग्जाम को बंगाली सहित दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं में न कराने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा. कहा, कि सरकार भेदभाव के कारण गुजराती को छोड़कर किसी और भाषा में ये एग्जाम नहीं करा रही है. लेकिन सरकार को घेरने का उनका दांव उल्‍टा पड़ गया. बीजेपी ने इसके लिए उन पर पलटवार करते हुए जवाब दिया है.

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  • Last Updated: November 8, 2019, 12:10 AM IST
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नई दिल्ली. JEE मुख्य परीक्षा को बंगाली भाषा समेत दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं में नहीं कराने के लिए केंद्र सरकार को घेरना पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को भारी पड़ गया. ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर गुरुवार को केंद्र सरकार को घेरा और कहा, कि सरकार भेदभाव के कारण गुजराती को छोड़कर किसी और भाषा में ये एग्जाम नहीं करा रही है. उन्होंने सवाल उठाए कि क्यों सरकार इस एग्जाम को हिंदी, इंग्लिश के अलावा सिर्फ गुजराती में ही क्यों करा रही है. लेकिन सरकार को घेरने का उनका दांव उल्‍टा पड़ गया. बीजेपी ने इसके लिए उन पर पलटवार करते हुए जवाब दिया है.

बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट कर ममता बनर्जी को जवाब दिया. उन्‍होंने कहा, ममता जी अपने गिरेबान में झांकिए. आपकी सरकार के टेक्निकल विभाग ने बांग्ला भाषा में जेईई की पहल क्यों नहीं की? जबकि नेशनल टेक्निकल विभाग ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था, लेकिन आपकी सरकार सो रही थी. उस पत्र का कोई जवाब नहीं दिया. पश्चिम बंगाल की बदतर शिक्षा व्यवस्था के लिए बतौर मुखिया सिर्फ आप जिम्मेदार हैं. प्रिय डिवाइडर दीदी आप भाषा के नाम पर ना बांटें.


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दरअसल 2013 में नेशनल टेस्‍टिंग एजेंसी ने जेईई मुख्‍य परीक्षा को क्षेत्रीय भाषाओं में कराने के लिए राज्‍य सरकारों से जवाब मांगा था, उस समय सिर्फ गुजरात सरकार ने गुजराती भाषा में इस टेस्‍ट कराने में रुचि दिखाई थी. बाद में महाराष्‍ट्र ने मराठी और उर्दू में इस टेस्‍ट कराने के लिए सहमति जताई. 2016 में मराठी और उर्दू में ये टेस्‍ट बंद हो गया. तब भी सिर्फ गुजरात ने इसे गुजराती में जारी रखने के लिए कहा था. इसलिए ये एग्‍जाम हिंदी, इंग्‍लिश के अलावा गुजराती में हो रहा है.

इस पत्र को कैलाश विजयवर्गीय ने ट्ववीट किया.


अब जाकर बंगाल सरकार की ओर से 2020 में जेईई मुख्‍य परीक्षा को बंगाली में कराए जाने को लेकर पत्र लिखा गया है. इसमें मांग की गई है कि पश्‍चिम बंगाल के छात्रों की सहूलियत के लिए सरकार इस परीक्षा को बांग्‍ला में भी कराए.

इतने सालों में पहली बार बंगाल प्रशासन की ओर से सरकार को पहली बार पत्र लिखा गया है.


इससे पहले ममता बनर्जी ने जेईई मुख्य परीक्षा को हिंदी, अंग्रेजी के अलावा सिर्फ गुजराती में कराने पर ऐतराज जताते हुए एक के बाद एक कई ट्वीट किए. उन्होंने लिखा, ''हमारा देश भारत कई भाषाओं और धर्म और संस्कृतियों और समुदायों का घर है. हालांकि, केंद्र में सरकार की मंशा सभी क्षेत्रों और क्षेत्रीय भाषाओं को खराब करना है.''

ममता ने कहा, ''ज्वाइंट एंट्रेस एग्जाम हिंदी और इंग्लिश में बहुत लंबा होता है. मुझे आश्चर्य है कि अब ये इसके अलावा गुजराती में होगा. सरकार का ये कदम सराहनीय नहीं कहा जा सकता. मैं गुजराती भाषा से प्यार करती हूं. लेकिन हमारी क्षेत्रीय भाषा को क्यों अनदेखा किया जा रहा है. ऐसा अन्याय हमारे साथ क्यों किया जा रहा है. अगर गुजराती भाषा में ये हो सकता है तो बंगाली भी होना चाहिए. इस मुद्दे को गंभीरता से सुलझाया जाना चाहिए.''

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First published: November 7, 2019, 9:35 PM IST
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