Home /News /nation /

चुनाव बाद हिंसा की CBI जांच के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची ममता सरकार

चुनाव बाद हिंसा की CBI जांच के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची ममता सरकार

ममता सरकार ने मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट को दुर्भावनापूर्ण करार दिया है. (फाइल फोटो)

ममता सरकार ने मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट को दुर्भावनापूर्ण करार दिया है. (फाइल फोटो)

सीबीआई (CBI) ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. लेकिन ममता बनर्जी सरकार (Mamata Government) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि हाईकोर्ट का फैसला सही नहीं था. हाईकोर्ट ने जिस आधार पर जांच के आदेश दिए हैं, वो एकतरफा हैं. बता दें कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच के आदेश दिए गए थे.

अधिक पढ़ें ...
  • News18Hindi
  • Last Updated :

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल सरकार (West Bengal Government) ने राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा (Post Poll Violence) की सीबीआई जांच को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने हिंसा की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. सीबीआई ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. लेकिन ममता बनर्जी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि हाईकोर्ट का फैसला सही नहीं था. हाईकोर्ट ने जिस आधार पर जांच के आदेश दिए हैं, वो एकतरफा हैं. बता दें कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच के आदेश दिए गए थे.

ममता सरकार का कहना है कि आयोग की रिपोर्ट दुर्भावना से ग्रसित है. जब राज्य सरकार हिंसा की जांच कर रही है तो फिर सीबीआई से जांच कराना राज्य के अधिकारों का हनन है. इसके अलावा पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को भी चुनौती दी है जिसमें सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य में पुलिस के मुखिया यानी डीजीपी की नियुक्ति में यूपीएससी को पैनल बनाने का अधिकार दिया है.

‘डीजीपी की नियुक्ति का अधिकार सिर्फ राज्य सरकार को होना चाहिए’
पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि डीजीपी की नियुक्ति का अधिकार सिर्फ राज्य सरकार को होना चाहिए. यूपीएससी की इसमें कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए क्योंकि इस काम के लिए वो सक्षम नहीं है.

गौरतलब है कि मंगलवार को ही पश्चिम बंगाल सरकार ने आईपीएस अधिकारी मनोज मालवीय को कार्यकारी डीजीपी नियुक्त किया है. और एक दिन बाद ये याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है. डीजीपी की नियुक्ति को लेकर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था फैसला
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था की डीजीपी की नियुक्ति के लिए यूपीएससी तीन नामों का पैनल बनाकर राज्य सरकार को देगी. ये पैनल राज्य के सीनियर आईपीएस अधिकारियों में से बनाया जायेगा. फिर राज्य सरकार तीन नामों के पैनल में से किसी एक को डीजीपी नियुक्त कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का मकसद था कि नियुक्ति में राजनीतिक हस्तक्षेप न हो. लेकिन ममता बनर्जी सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में ही चुनौती दी है.

Tags: Mamata banerjee, Supreme Court

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर