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नेताजी की विरासत की जंग, ममता का 'देश नायक दिवस' बनाम BJP का 'पराक्रम दिवस'

23 जनवरी को नेताजी की 125 जयंती है. (File Pic)
23 जनवरी को नेताजी की 125 जयंती है. (File Pic)

Netaji Subhash Chandra Bose: केंद्र सरकार ने नेताजी की 125वीं जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की योजना बनाई है तो पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने 23 जनवरी को देश नायक दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 20, 2021, 7:51 PM IST
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नई दिल्‍ली. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhash Chandra Bose) की 125वीं जयंती के समारोह को लेकर बीजेपी (BJP) और सत्‍तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच राजनीतिक जंग छिड़ गई है. सुभाष चंद्र बोस की का जयंती समारोह वर्ष 23 जनवरी से शुरू हो रहा है. एक ओर जहां केंद्र सरकार ने नेताजी की 125वीं जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की योजना बनाई है तो वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने 23 जनवरी को देश नायक दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है.

मंगलवार को अपने पुरुलिया दौरे के दौरान ममता बनर्जी ने कहा, 'पश्चिम बंगाल में 23 जनवरी का दिन देश नायक दिवस के रूप में मनाया जाएगा.' बीजेपी पर निशाना साधते हुए ममता ने यह भी कहा, 'मुझे पराक्रम की ठीक परिभाषा नहीं पता है. शायद उसकी तीन या चार परिभाषाएं हों, मैं इस पर चर्चा नहीं कर सकती.'

इसके बाद केंद्रीय मंत्री की ओर से जानकारी दी गई कि पराक्रम दिवस को कोलकाता में मनाने के लिए पीएम मोदी के जाने की संभावनाएं हैं. वहीं टीएमसी ने केंद्र सरकार के इस कदम की आलोचना की और इसे पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के कारण पॉलिटिकल स्‍टंट करार दिया.




इस पर टीएमसी के प्रवक्‍ता और लोकसभा सांसद सौगत रॉय ने कहा, 'मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी कई साल से यह मांग कर रही हैं कि 23 जनवरी का दिन राष्‍ट्रीय अवकाश के रूप में घोषित किया जाए और इसे देश नायक दिवस के रूप में मनाया जाए. यह उचित नाम हैं क्‍योंकि रवींद्रनाथ टैगोर नेताजी को 'देश अर नायक' के नाम से बुलाते थे. मोदी सरकार सभी फैसले एकतरफा लेती है.'

मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही राज्य सरकार द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित एक नेशनल यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा की है, जिसमें स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर विदेशी यूनिवर्सिटीज के साथ करार होगा और राजरहाट में एक स्मारक भी बनाया जाएगा. सीएम ने यह भी घोषणा की है कि नेताजी की कई रचनाओं का विभिन्न भाषाओं में अनुवाद किया जाएगा.

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेताजी के जयंती समारोह को लेकर योजना बनाने के लिए अलग-अलग समितियों का गठन भी किया है. पीएम मोदी की समिति का नेतृत्‍व गृह मंत्री अमित शाह करेंगे और इसमें संस्कृति मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, इतिहासकारों, लेखकों के परिवार और नेताजी की आजाद हिंद सेना के लोग शामिल होंगे.
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