ममता को मिली अस्पताल से छुट्टी, डॉक्टरों से कई बार कर चुकी थीं निवेदन

ममता की व्हीलचेयर को ले जाने के लिए 03 से 04 सहायक हमेशा उनके साथ होते हैं. (फाइल फोटो)

ममता की व्हीलचेयर को ले जाने के लिए 03 से 04 सहायक हमेशा उनके साथ होते हैं. (फाइल फोटो)

डॉक्टरों ने कहा कि इलाज के बाद ममता (Mamata Banerjee) अच्छा रिस्पॉन्स कर रही थीं. डॉक्टरों ने ये भी कहा कि ममता बनर्जी बार-बार छुट्टी दिए जाने का निवेदन कर रही थीं. इसी वजह से उन्हें कुछ निर्देशों के साथ छुट्टी दी गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 9:54 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को अस्तपताल से छुट्टी (Discharged from Hospital) दे दी गई है. डॉक्टरों ने कहा कि इलाज के बाद ममता अच्छा रिस्पॉन्स कर रही थीं. डॉक्टरों ने ये भी कहा कि ममता बनर्जी बार-बार छुट्टी दिए जाने का निवेदन कर रही थीं. इसी वजह से उन्हें कुछ निर्देशों के साथ छुट्टी दी गई है. राजधानी कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा है कि ममता बनर्जी के स्वास्थ्य की सात दिनों बाद फिर समीक्षा की जाएगी.

इससे पहले ममता पर हुए हमले को लेकर पश्चिम बंगाल में सभी राजनीतिक दलों की तरफ से काफी बयानबाजी हुई है. सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने इसके पीछे किसी षड्यंत्र की आशंका जाहिर की तो बीजेपी की तरफ से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है. यहां तक कि चुनाव आयोग को भी इस भी घटनाक्रम को लेकर बयान जारी करना पड़ा है.



खबर आई है कि चुनाव आयोग पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घायल होने की घटना पर उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले पुलिसकर्मियों को चूक के लिए दंडित कर सकता है. चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आयोग दंड पर निर्णय लेने से पहले राज्य सरकार और चुनाव के लिए तैनात दो पर्यवेक्षकों से रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहा है.
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विपक्षी नेताओं की क्या रहीं प्रतिक्रियाएं

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ‘ऐसा हो सकता है कि वह दुर्घटना की शिकार हुई हों, लेकिन यह दावा कि उनको साजिशन धक्का दिया गया, यह स्वीकार्य नहीं है. उनके साथ हर वक्त कई सारे सुरक्षाकर्मी रहते हैं.’उन्होंने कहा, ‘सहानुभूति हासिल करने के लिए इस तरह के हथकंडे काम नहीं आएंगे. मुझे लगता है कि मामले की सीबीआई से जांच करानी चाहिए.’कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सहानुभूति हासिल करने की इस तरह की तरकीब इस बार काम नहीं आएगी. उन्होंने कहा, ‘बनर्जी राज्य की पुलिस मंत्री हैं और अगर वह सुरक्षित नहीं हैं तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए.’
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