NRC पर ममता की केंद्र को चेतावनी- बंगाल में किसी को छुआ तो सबक सिखा देंगे

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने असम (Assam) में जारी नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस (NRC) के खिलाफ विरोध मार्च (Protest) निकाला. इस दौरान ममता ने आरोप लगाया कि असम में पुलिस के दम पर लोगों की आवाज बंद कर दी गई है.

News18Hindi
Updated: September 12, 2019, 9:16 PM IST
NRC पर ममता की केंद्र को चेतावनी- बंगाल में किसी को छुआ तो सबक सिखा देंगे
पश्चिम बंगाल की सीएम मता बनर्जी ने कहा कि असम में पुलिस के दम पर लोगों की आवाज बंद कर दी गई है. ऐसा पश्चिम बंगाल में नहीं चल पाएगा.
News18Hindi
Updated: September 12, 2019, 9:16 PM IST
कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Benerjee) शुरू से ही असम (Assam) में नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस (NRC) लागू किए जाने के खिलाफ थीं. इसके बाद जब इसे देश के अन्‍य हिस्‍सों में भी लागू करने की जरूरत पर बात होनी शुरू हुई तो ममता ने इसका तीखा विरोध किया. अब उन्‍होंने इस मुद्दे पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Government) को सीधी और स्‍पष्‍ट चेतावनी दी है. उन्‍होंने कहा कि बंगाल में ऐसा नहीं कर पाओगे.

ममता बनर्जी ने एनआरसी के खिलाफ विरोध मार्च का किया नेतृत्‍व
ममता बनर्जी ने बृहस्‍पतिवार को असम में एनआरसी के खिलाफ विरोध मार्च निकाला. उन्‍होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर उतरकर विरोध मार्च का नेतृत्व किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि असम में पुलिस के दम पर लोगों की आवाज बंद कर दी गई है. ऐसा पश्चिम बंगाल में नहीं चल पाएगा. ममता ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आप किसी भी सूरत में असम जैसा बंगाल में नहीं कर पाओगे. इसके अलावा अचानक आपने तृणमूल कांग्रेस को धर्म पर ज्ञान देना शुरू कर दिया है, जैसे हमने कभी ईद, दुर्गा पूजा, मुहर्रम और छठ पूजा मनाई ही न हो.

एनआरसी की अंतिम सूची से बाहर हो गए हैं 19 लाख से ज्‍यादा लोग
Loading...

असम में 31 अगस्त को एनआरसी की अंतिम सूची जारी की गई. इसमें 19 लाख से ज्‍यादा लोगों को बाहर कर दिया गया यानी उन्‍हें देश का वैध नागरिक नहीं माना गया. एनआरसी के राज्‍य समन्‍वयक प्रतीक हाजेला ने बताया कि कुल 3,11,21,004 लोग इस सूची में जगह बनाने में सफल हुए, जबकि 19,06,657 लोग सूची से बाहर हो गए. जब मसौदा एनआरसी प्रकाशित हुआ था, तब 40 लाख से ज्‍यादा लोगों को इससे बाहर रखा गया था. इसके बाद एनआरसी को लेकर काफी विवाद हुआ था.

MEA ने कहा, अंतिम सूची से बाहर लोगों को हिरासत में नहीं लिया जाएगा
विदेश मंत्रालय (MEA) ने काफी चर्चा के बीच पिछले हफ्ते कहा था कि जिन लोगों के नाम अंतिम सूची में नहीं है उन्हें हिरासत में नहीं लिया जाएगा. इसके अलावा उन्‍हें डिटेंशन कैंपों में भी नहीं रखा जाएगा. सूची से बाहर रह गए लोग फॉरनर्स ट्रिब्‍यूनल में अपील कर सकते हैं. इसके लिए राज्‍य में 200 नए ट्रिब्‍यूनल बनाए गए हैं, जबकि 100 पहले से ही थे. इसके अलावा अगले तीन महीने में राज्‍य में 200 नए फॉरनर्स ट्रिब्‍यूनल और बनाए जाएंगे. अंतिम सूची से बाहर हुए लोगों के पास कानून के तहत उपलब्ध सभी उपायों के खत्म होने तक पहले की तरह सभी अधिकार रहेंगे.

ये भी पढ़ें:

पाकिस्‍तान की पत्रकार ने इमरान खान और शाहिद अफरीदी को PoK के बजाय श्रीनगर जाने की दी चुनौती

अमेरिका में बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड, दाऊद इब्राहिम और बॉलीवुड से जुड़े तार

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 12, 2019, 7:18 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...