अपना शहर चुनें

States

बंगालः दिलीप घोष का ममता पर निशाना, कहा- चुनाव हारने के बाद ट्रंप की तरह कुर्सी नहीं छोड़ेंगी

पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री हमेशा से ट्रंप की तरह जिद्दी व्यवहार प्रदर्शित करती रही हैं.
पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री हमेशा से ट्रंप की तरह जिद्दी व्यवहार प्रदर्शित करती रही हैं.

ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कहा था कि केवल कोरोना योद्धाओं (Corona Warriors) को ही नहीं, बल्कि राज्य की समस्त जनता को कोविड-19 टीके (Covid-19 Vaccine) मुफ्त में लगाने के बंदोबस्त किये जा रहे हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि अग्रिम मोर्चे पर रहकर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 11, 2021, 10:08 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष (Dilip Ghosh) ने सोमवार को एक बार फिर ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री हमेशा से ट्रंप की तरह जिद्दी व्यवहार प्रदर्शित करती रही हैं. तानाशाही रवैया, जो लोकतंत्र में विश्वास नहीं करता है. उनकी पार्टी में भी लोकतंत्र का अभाव है. लोग दल बदल रहे हैं और दूसरी पार्टियों में जा रहे हैं. घोष ने दावा किया बंगाल में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है. बीजेपी के राज्य अध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह का व्यवहार डोनाल्ड ट्रंप आजकल दिखा रहे हैं, वैसे ही यदि ममता बनर्जी जैसे तानाशाह चुनाव हारते हैं, तो वे नबन्ना (हावड़ा स्थित राज्य सचिवालय) नहीं छोड़ेंगी. उनका व्यवहार ऐसा है कि लोग यही सोचते हैं कि मुख्यमंत्री कुछ भी कर सकती हैं. अगर वे चुनाव हार भी जाती हैं तो नबन्ना छोड़ने के लिए तैयार नहीं होंगी.

इससे पहले रविवार को दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी राज्य में केंद्र की योजनाओं के नाम बदलकर उनके अपने नाम से चलाती हैं. घोष ने कहा कि चुनाव से पहले ममता बनर्जी कोरोना वायरस वैक्सीन का नाम तिलकश्री और ममताश्री कर सकती हैं. दरअसल ममता बनर्जी ने कहा था कि केवल कोरोना योद्धाओं को ही नहीं, बल्कि राज्य की समस्त जनता को कोविड-19 टीके मुफ्त में लगाने के बंदोबस्त किये जा रहे हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि अग्रिम मोर्चे पर रहकर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी.





उधर, तृणमूल कांग्रेस सरकार पर केंद्रीय योजनाओं के नाम बदलकर अपना बताने के आरोप लगाते हुए राज्य के पूर्व मंत्री और अब बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, ‘‘केंद्र के स्वच्छ भारत अभियान का नाम बदलकर निर्मल बांग्ला मिशन कर दिया गया है.’’ पूर्व तृणमूल नेता ने एक जनसभा में दावा किया कि कोयला और अन्य खनिजों समेत पुरुलिया के प्राकृतिक संसाधनों को संगठित गिरोहों द्वारा लूटा जा रहा है और राज्य सरकार इस बारे में कुछ नहीं कर रही.
पूर्व विधायक ने आदिवासी बहुल जिले में अपने भाषण में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संथालियों की ‘ओल चीकी’ भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में मान्यता दी थी, लेकिन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इसे प्रोत्साहित करने के लिए कोई पुस्तक या शिक्षण सुविधा उपलब्ध नहीं कराई.

उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस अब राजनीतिक दल नहीं रहा और यह पार्टी एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह काम कर रही है. अधिकारी ने आरोप लगाया, ‘‘दक्षिण कोलकाता के तीन या चार लोग सरकार चला रहे हैं और उनके हाथों में 30 में से 20 विभाग हैं.’’

अधिकारी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने लंबे समय तक राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों की अनदेखी की है और ‘‘लड़ाई गांवों और दक्षिण कोलकाता के कुछ विशेषाधिकार प्राप्त लोगों के बीच है."
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज