कोलकात में ममता बनर्जी का शक्ति प्रदर्शन, EVM के बहाने बीजेपी पर हमला

ममता ने कहा कि यदि हम कालेधन का इस्तेमाल रोकना चाहते हैं, लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं और राजनीतिक दलों में पारदर्शिता कायम करना चाहते हैं तो चुनाव सुधार करने ही होंगे.

News18Hindi
Updated: July 21, 2019, 3:12 PM IST
कोलकात में ममता बनर्जी का शक्ति प्रदर्शन, EVM के बहाने बीजेपी पर हमला
कोलकाता में ममता बनर्जी की मेगा रैली
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Updated: July 21, 2019, 3:12 PM IST
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को शहीद दिवस के मौके पर कोलकाता में मेगा रैली का आयोजन किया. इस दौरान ममता अपने रंग में दिखी और बीजेपी पर जमकर हमला बोला. ममता ने बीजेपी को 'डकैतो की पार्टी' बताया.

ममता ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने ईवीएम, सीआरपीएफ और धन का इस्तेमाल कर चुनाव जीता. उन्होंने कहा कि उन्हें केवल 18 सीटें मिली है. कुछ सीटें पाकर वह हमारी पार्टी के कार्यालयों पर कब्जा कर रहे हैं और लोगों को पीट रहे हैं. ममता बनर्जी ने मांग की कि पंचायत और नगर निगम चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं.

क्या मतपत्र वापस नहीं ला सकते?
ममता बनर्जी ने लोकतंत्र को बचाने और कालेधन के इस्तेमाल पर रोक के लिए देश में चुनाव सुधार को जरूरी बताया. उन्होंने चुनाव की सरकारी फंडिंग की भी मांग की. ममता बनर्जी ने कहा, 'पहले इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका में भी ईवीएम का इस्तेमाल किया गया, लेकिन अब उन्होंने उसका इस्तेमाल बंद कर दिया है. ऐसे में क्या हम मतपत्र वापस नहीं ला सकते?'

ममता ने कहा कि यदि हम कालेधन का इस्तेमाल रोकना चाहते हैं, लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं और राजनीतिक दलों में पारदर्शिता कायम करना चाहते हैं तो चुनाव सुधार करने ही होंगे.



ममता की नजर 2021 पर
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बताया जा रहा है कि इस रैली का आयोजन 2021 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया था. अनुमान है  कि इस रैली में 3 से 7 लाख लोग शामिल हुए. इस रैली में 21 जुलाई 1993 को वामदलों के शासन के दौरान कोलकाता के मेयोरोड पर पुलिस गोलीबारी में मारे गए 13 लोगों को श्रद्धांजलि दी गई. हालांकि ममता के निशाने पर बीजेपी ही रही.

21 जुलाई को शहीद दिवस मनाती है तृणमूल

ममता बनर्जी ने रैली से पहले ट्विटर पर राज्य में वाम दल के 34 वर्षों के शासन के दौरान सभी शहीदों को श्रद्धांजलि दी और लोगों से देश में लोकतंत्र बहाल करने के लिए लड़ने का आग्रह किया. उन्होंने 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी याद किया जो 1993 में पुलिस की गोलीबारी में मारे गए थे. ममता बनर्जी उस वक्त युवा कांग्रेस की नेता थी. युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की याद में तृणमूल कांग्रेस हर साल 21 जुलाई को शहीद दिवस रैली निकालती है.

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First published: July 21, 2019, 1:59 PM IST
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