बीजेपी नेता का दावा, ममता ने खो दिया मानसिक संतुलन; TMC ने दिया यह जवाब

मुकुल रॉय ने संवाददाताओं से कहा 'ऐसा लगता है कि उन्होंने अपना दिमाग खो दिया है

News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 6:58 AM IST
बीजेपी नेता का दावा, ममता ने खो दिया मानसिक संतुलन; TMC ने दिया यह जवाब
मुकुल रॉय ने संवाददाताओं से कहा ऐसा लगता है कि उन्होंने अपना दिमाग खो दिया है
News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 6:58 AM IST
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय ने सोमवार को दावा किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना 'मानसिक संतुलन' खो दिया है क्योंकि वह मांग कर रही है कि बीजेपी नेता काला धन वापस लौटाएं.

वहीं तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि बनर्जी ने अपना मानसिक संतुलन उस वक्त खो दिया था जब उन्होंने 2012 में रेल मंत्री के रूप में रॉय के नाम की सिफारिश की थी.

रॉय ने संवाददाताओं से कहा 'ऐसा लगता है कि उन्होंने अपना दिमाग खो दिया है. वह बीजेपी से काले धन को वापस करने के लिए कह रही है. वह दूसरों से 25 प्रतिशत कटौती के पैसे वापस करने के लिए व्याख्यान दे रही है. लेकिन 75 प्रतिशत के बारे में क्या है जो उसके शीर्ष नेताओं द्वारा छीनी गई है? उन्हें पहले उस पैसे को वापस करना चाहिए और फिर दूसरों को मुकदमा चलाने के लिए कहना चाहिए.'

यह भी पढ़ें:  TMC की रैली के मुकाबले BJP करेगी 'पब्लिक ट्रिब्यूनल'

रविवार को बनर्जी ने कहा था- 

रविवार को बनर्जी ने कहा था कि टीएमसी 26 जुलाई को राज्यव्यापी कार्यक्रम शुरू करेगी, जिसमें कथित रूप से उज्जवला योजना से बीजेपी द्वारा लिया गया काला धन वापस करने की मांग की गई थी.

यह कदम स्पष्ट रूप से 'कट मनी' को कमजोर करने के उद्देश्य से है ताकि टीएमसी के चुने हुए प्रतिनिधियों को विरोध का सामना न करना पड़े. कट मनी सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से कथित तौर पर एकत्र किए गए अवैध कमीशन है. लोग इसे वापस देने की मांग कर रहे हैं.
Loading...

यह भी पढ़ें:  जानिए- कौन हैं पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल जगदीप धनखड़

टीएमसी ने कहा-

टीएमसी महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमारी पार्टी और ममता बनर्जी दोनों ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया था जब 2012 में रेल मंत्री के रूप में उनके नाम की सिफारिश करने का निर्णय लिया गया था.'

चटर्जी ने बीजेपी नेता को "गद्दार" बताते हुए कहा कि रॉय के पास उस पद के लिए उचित योग्यता या पात्रता नहीं थी, लेकिन फिर भी वे रेल मंत्री बने क्योंकि उन्हें बनर्जी का समर्थन था.

उन्होंने कहा, 'बाद में हमने गलती को समझा और उन्हें पार्टी से निकाल दिया. अब वह दूसरी पार्टी में शामिल हो गए हैं और हमें यकीन है कि वह भी उस पार्टी को बर्बाद कर देंगे.'
First published: July 23, 2019, 6:58 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...