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किसानों का समर्थन जारी रखेंगी ममता, 'मोदी सरकार को सत्ता से हटाना' उद्देश्य

ममता बनर्जी ने बुधवार को राकेश टिकैत से मुलाकात की है. (तस्वीर-MamataBanerjeeOfficial Facebook)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में विपक्ष शासित राज्यों को एकजुट करने का वादा करते हुए बुधवार को कहा कि उनका उद्देश्य ‘सत्ता से नरेंद्र मोदी सरकार को हटाना’ है.

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    कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में विपक्ष शासित राज्यों को एकजुट करने का वादा करते हुए बुधवार को कहा कि उनका उद्देश्य ‘सत्ता से नरेंद्र मोदी सरकार को हटाना’ है.

    राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में आए किसान नेताओं के साथ कोलकाता में हुई बैठक में तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक ऐसा मंच होना चाहिए जहां राज्य नीतिगत विषयों पर बातचीत कर सकें. उन्होंने कहा कि राज्यों को निशाना बनाना (बुलडोजिंग) संघीय ढांचे के लिए अच्छी बात नहीं है.

    पश्चिम बंगाल से बाहर अपना जनाधार बढ़ाने की घोषणा कर चुकी है तृणमूल
    किसान नेता भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने वाला राष्ट्रीय कानून लाने के पक्ष में अपने आंदोलन में ममता बनर्जी का समर्थन पाने आये थे. उत्तर भारत के किसान संगठनों के नेताओं के प्रति समर्थन जताने से कुछ दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस ने घोषणा की थी कि पार्टी पश्चिम बंगाल की भौगोलिक सीमाओं के बाहर अपना प्रभाव बढ़ाएगी.

    टिकैत और सिंह की अगुवाई वाले भारतीय किसान यूनियन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ‘भाजपा को कोई वोट नहीं’ अभियान चलाया था. उनकी आने वाले समय में अन्य राज्यों के चुनावों में भी इसी तरह की योजना है जिनमें उत्तर प्रदेश भी है जहां भाजपा कुछ छोटे दलों के साथ मिलकर सरकार चला रही है.

    किसानों के आंदोलन को समर्थन रहेगा
    बनर्जी ने किसान नेताओं से मुलाकात के बाद कहा, ‘किसानों के आंदोलन को समर्थन रहेगा. भारत पूरी उत्सुकता से ऐसी नीतियों का इंतजार कर रहा है जिनसे कोविड-19 से लड़ने में, किसानों और उद्योगों की सहायता करने में मदद मिल सकती है.’मुख्यमंत्री ने कहा, ‘किसानों से बात करना इतना मुश्किल क्यों है?’

    वह दरअसल केंद्र सरकार और किसानों के बीच वार्ता रुकने की ओर इशारा कर रही थीं जो संसद द्वारा पारित तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ छह महीने से अधिक समय से दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हैं. बनर्जी ने कहा, ‘स्वास्थ्य क्षेत्र से लेकर किसानों और उद्योगों, सभी क्षेत्रों के लिए भाजपा का शासन अनर्थकारी रहा है. हम प्राकृतिक और राजनीतिक दोनों तरह की आपदाओं का सामना कर रहे हैं.’ममता बनर्जी केंद्र के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाने की कोशिश में अन्य विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों से संपर्क साध रही हैं.

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान नेताओं ने उनसे अनुरोध किया है कि वह किसानों के विषयों पर अन्य राज्यों के नेताओं से बात करें और किसान संगठनों के साथ संवाद आयोजित करें. उन्होंने कहा, ‘किसान आंदोलन केवल पंजाब, हरियाणा या उत्तर प्रदेश के लिए नहीं है. यह पूरे देश के लिए है.’
    Published by:Arun Tiwari
    First published: