• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • MAMTA BANERJEE THROWS SHOLAY DIALOGUE APPEALED TO OPPOSITION CHIEF MINISTERS TO PROTEST CENTER

जो डरते हैं वो मरते हैं... ममता बनर्जी ने विपक्षी मुख्यमंत्रियों से की केंद्र के विरोध की अपील

ममता ने सोमवार को मुख्यमंत्रियों को 70 के दशक की मशहूर फिल्म शोले के डॉयलॉग के जरिए समझाइश दी है. (फोटो: ANI)

Mamata Banerjee takes on Centre: बंगाल के मुख्य सचिव रहे अलापन बंदोपाध्याय को लेकर जारी डेप्युटेशन ऑर्डर के खिलाफ बनर्जी अपनी नाराजगी जाहिर कर रही थीं. उन्होंने कहा, '...उन्होंने बगैर किसी स्पष्टीकरण या कारण के एक के बाद एक पत्र जारी किए.

  • Share this:
    नई दिल्ली. केंद्र सरकार के खिलाफ पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की नाराजगी जारी है. बीते सोमवार को उन्होंने विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों से केंद्र के खिलाफ साथ आने की अपील की है. उन्होंने केंद्र सरकार के चेतावनी दी है कि वे एक दिन पछताएंगे. इस दौरान उन्होंने सरकार पर असल मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के भी आरोप लगाए. फिलहाल दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) सीएम बनर्जी के समर्थन में उतरे हैं.

    ममता ने सोमवार को मुख्यमंत्रियों को 70 के दशक की मशहूर फिल्म शोले के डॉयलॉग के जरिए समझाइश दी है. उन्होंने कहा कि जो डरते हैं, वो मरते हैं. उन्होंने राज्य के मुखियाओं से बगैर डरे 'निरंकुश सरकार' के खिलाफ आवाज उठाने की बात कही है.

    टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार एक दिन पछताएगी. बनर्जी ने कहा, 'हम उनकी धमकियों से डरते नहीं है. बंगाल ने कभी भी हारना नहीं सीखा. हम हमेशा अपना सिर उठाकर चलते हैं.'

    ममता बनर्जी ने कहा, 'मेरा मानना है कि विपक्ष के मुख्यमंत्रियों को साथ आकर अपनी आवाज उठानी चाहिए. सभी राज्य उनकी बात नहीं मानेंगे. केंद्र और राज्यों के बीच हमेशा एक लक्ष्मण रेखा होती है. जवाहरलाल नेहरू और बीआर आंबेडकर ने इस बात पर जोर दिया है. यह सरकारिया कमीशन में भी शामिल है और बात में इसे सुप्रीम कोर्ट का भी समर्थन मिला था.'

    यह भी पढ़ें: वैक्सीनेशन पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- सरकार जागे, उसे जमीनी हकीकत का हो अंदाजा

    बंगाल के मुख्य सचिव रहे अलापन बंदोपाध्याय को लेकर जारी डेप्युटेशन ऑर्डर के खिलाफ बनर्जी अपनी नाराजगी जाहिर कर रही थीं. उन्होंने कहा, '...उन्होंने बगैर किसी स्पष्टीकरण या कारण के एक के बाद एक पत्र जारी किए. आप न्याय नहीं दे सकते और नौकरशाही को निशाना बनाकर आप आगे अन्याय कर रहे हैं. वे हमें लड़ने से नहीं रोक सकते.' बंदोपाध्याय बीते सोमवार को रिटायर हो गए और उन्होंने डेप्युटेशन स्वीकार नहीं किया.

    उन्होंने कहा, 'यह राजनीतिक बदले का काम है. मैंने कभी भी इतना बेरहम और क्रूर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री नहीं देखा. वे अब ममता बनर्जी पर हमला करने के लिए मुख्य सचिव और अधिकारियों को निशाना बना रहे हैं.' सीएम ने कहा, 'संघवाद कमजोर हो रहा है और यहां कोई परामर्श प्रक्रिया नहीं है. और सोमवार के पत्र ने चोट में अपमान भी जोड़ दिया है.... मुझे आश्चर्य होता है कि कौन पीएम को सलाह देता है. यह राजनीतिक बदला क्यों? केवल इसलिए कि आप ममता बनर्जी को पसंद नहीं करते हैं और क्योंकि आप हार गए हैं?'